व्यापार या नौकरी?

 किसी चीज का उपयोग पूर्णतया करने के लिए आपको उसकी वास्तविक कीमत का पता होना चाहिए, अर्थात उसकी वैल्यू पता होनी चाहिए ।

जैसा कि कहते हैं कि 

आवश्यकता ही आविष्कार ही जननी है।

बहुत से लोग जो अमीर परिवार से होते हैंं अपने बच्चों को हमेशा उच्च शिक्षा देते हैं उनके सारे शौक पूरे करते हैं  उनके पास  आवश्यकता सेेेे अधिक  वस्तुयें होती हैं,उनके लिए कभी प्रतिकूूल परिस्थितियां नहीं होती हैं उन्हें कभी किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती है

 जिस वजह से उन बच्चों का पूर्ण विकास नहीं हो पाता है।

 यहां पर पूर्ण विकास का अर्थ यही नहीं है कि व्यक्ति ऊपरी दिखावे में सामान्य लगे

विकास का अर्थ यहां पर यह है कि आने वाली किसी भी समस्या से लड़ने के लिए व्यक्ति तैयार रहे।

 छोटे-मोटे बीमारियां बच्चे का कुछ न बिगाड़ सके क्योंकि छोटी-मोटी बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर में खुद ही एंटीबायोटिक शक्तियां होती हैं परंतु ऐसे अमीर लोगों के बच्चे जरा से जुखाम खांसी में उन्हें दवाई लेनी पड़ती है ।इसका यही कारण होता है कि कभी वह अपने बच्चों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होने देते हैं। जिस वजह से उनका शरीर ऐसी समस्याओं को बर्दाश्त नहीं कर पाता है और छोटी-छोटी समस्याओं पर उनका शरीर जवाब दे जाता है।




 जिसके कारण उन्हें दवाई का सहारा लेना पड़ता है इसी प्रकार जब उनके बच्चों के जीवन में कभी कोई आर्थिक समस्याएं नहीं आती हैं  तो उनके दिमाग का विकास नहीं हो पाता है जिसकी वजह से जब कभी उनके जीवन में कोई ऐसी समस्या आती है तो वह सही कदम नहीं उठा पाते हैं इस वजह से यह बहुत अधिक जरूरी है कि अपने बच्चे को हर तरह के वातावरण में रहने योग्य बनाना चाहिए बिल्कुल यही बात लागू होती है।

 नौकरी या व्यापार पर तो आइए आपको बताते हैं कि हमें नौकरी करना चाहिए या व्यापार करना चाहिए वैसे तो नौकरी का अपना एक अलग मजा है हां व्यापार की अपनी अलग फायदे हैं लेकिन अगर आपको कोई चीज विरासत में मिलती है तो आप उसके सारे फायदे नहीं उठा पाते हैं ।

कहा जाता है ना जब तक की कोई वस्तु आपको अपनी मेहनत से प्राप्त नहीं होती है आपको उसका मोल समझ में नहीं आता है एक कहावत है कि घर की मुर्गी दाल बराबर अर्थात अगर आपको नौकरी अपने पिता की जगह पर मिले या अपने किसी रिश्तेदार की जगह पर मिलती है तो आप नौकरी में ज्यादा समय तक टिक नहीं सकते हैं और लोगों में एक बड़ी आजकल मान्यता है कि अगर नौकरी सरकारी है तो फिर तो जलवा ही जलवा है मतलब क्या अगर आप में योग्यता है तो क्या सरकारी यात्रा क्या प्राइवेट सरकारी नौकरी का क्या फर्क है कि अगर आपको सरकारी नौकरी मिल जाती है तो आपको जीवन भर योग्यता का प्रमाण नहीं देना पड़ता है इस वजह से सरकारी नौकरी का बहुत महत्व है तो मुझे तो यह बात बिल्कुल समझ नहीं आती है  उस बात पर  बातचीत कभी दोबारा करेंगे।

 इसी प्रकार यही व्यापार का हाल है अगर आपका व्यापार आपके पिताजी देख रहे हैं और वह व्यापार आपको मिल जाता है तो यह बहुत ही कम केस इसमें होता है है कि उनका लड़का या उनका छोटा भाई उस व्यापार को भलीभांति सही प्रकार संभाल लेता है क्योंकि जब तक वह जिम्मेदारी नहीं समझता है तब तक कोई भी व्यक्ति कोई काम नहीं कर सकता है और व्यक्ति किसी भी चीज की जिम्मेदारी तभी ही समझता है जब वह चीज या तो उसकी अपनी होती है यह उसके लिए उसे बहुत कुछ  त्याग करना पड़ता है ठीक है अब बात आती है कि 

मान लिया नौकरी भी आपकी खुद की मेहनत की है और व्यापार भी आपकी खुद की मेहनत से खड़ा किया है तो इन चीजों में क्या बेस्ट है तो इस बात का कोई जवाब नहीं है अगर देखा जाए तो सीधी सी बात है कि व्यापार के आगे नौकरी कुछ भी नहीं है व्यापार में आप 1 दिन में इतना पैसा कमा सकते हो इतना आप नौकरी में पूरे महीने में कमाओगे बर्शते आपका व्यापार काफी अच्छा चल रहा हो और कभी-कभी ऐसा भी होता है कि व्यापार आपका अगर बंद होता है तो आप बिल्कुल फर्श पर आ जाते हो लेकिन नौकरी में कभी ऐसा नहीं होता है अगर आपकी नौकरी से एक जगह आप को सस्पेंड किया जाता है या आपको निकाला जाता है तो आपको दूसरी जगह थोड़ी सी मेहनत करने पर ही नौकरी मिल जाती है लेकिन उसके दौरान आपको गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है लेकिन व्यापार में बिल्कुल इसका विपरीत होता है या तो आप एकदम से  आसमान पर होगे और नहीं तो इसके विपरीत फर्श पर होगे।

व्यापार के लिए आपको 24 घंटे कड़ी मेहनत करनी पड़ती है अपना व्यापार एक बार खड़ा करने के लिए आपने देखा होगा प्रत्येक व्यापारी को या एक अच्छे व्यापारी को शारीरिक समस्या कोई ना कोई अवश्य होगी क्योंकि उसको अपना व्यापार खड़े करने के लिए मानसिक उत्पीड़न बहुत ज्यादा  सहना पड़ता है। जिस वजह से उसको शरीर में कोई ना कोई समस्या ज्यादातर अवश्य ही हो जाती है।

 लेकिन नौकरी में ऐसी कोई समस्या नहीं होती है आप नौकरी से 1 दिन के लिए 2 दिन के लिए महीने भर के लिए भी आराम से छुट्टी ले सकते हैं,

 लेकिन आपको व्यापार में लगातार 24 * 7 ड्यूटी देनी पड़ती है नौकरी में अधिक से अधिक क्या होगा आपके पैसे ही तो नहीं देगा लेकिन व्यापार में व्यक्ति की खुद की कमाई होती है उसका सीधा नुकसान उसे खुद होता है।

  व्यापार को बहुत अधिक मेहनत के बाद ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाता है लेकिन जब एक बार व्यापार ऊंचाई पर पहुंच जाता है तो वह उसके फायदे की कोई सीमा नहीं होती है आप बहुत ज्यादा पैसा कमा सकते हो, उसकी कोई सीमा ही नहीं है कि आप कितना पैसा कमाओगे वैसे तो व्यापार और नौकरी  की कोई कोई तुलना ही नहीं है लेकिन व्यापार अपनी जगह है और नौकरी अपनी जगह ।

व्यापार मेंंंंंं आपको बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है  कई कई बार तो  नुकसान इतना ज्यादा हो जाता है कि आदमी दिवालिया हो जाता है ,लेकिन व्यापार में आदमी स्वयं का मालिक होता  है और उसका एक अलग ही आनंद होता है ।चाहेेेेे आप एक छोटी श्रेणी के व्यापारी हों लेकिन आपको अपने निर्णय लेने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है। अपने जीवन को शैली को अपने अनुसार चलने की या जीने की भी पूर्ण स्वतंत्रता होती है।

 लेकिन नौकरी में ऐसा बिल्कुल नहीं होता है नौकरी में आप का लाभ भी निश्चित होता है  और आपको अपने मालिक के अंडर काम करना पड़ता है नौकरी शब्द से ही उसके अर्थ का कि पता चलता है अर्थात अपने से अधिक अमीर किसी व्यक्ति की आज्ञा का पालन करना जिसके बदले गए आपको आपकी आवश्यकता की पूर्ति हेतु किसी भी माध्यम से सहायता करेगा।

 एक तीसरी श्रेणी और आती है  जो अधिकतर व्यापारी करते हैं या अधिकतर आदमी करते हैं की नौकरी करते हुए व्यापार अर्थात साइड बिजनेस करना या फिर नौकरी से कमाए हुए पैसे के द्वारा बिजनेस करना ।

क्योंकि बिजनेस करने के लिए पैसे की तो आवश्यकता होती ही है


 अगर आपके पास अच्छा खासा पैसा होगा तो आपको थोड़ा कम स्ट्रगल करना होगा,  अपेक्षा आप कोई बिजनेस जीरो इन्वेस्टमेंट से स्टार्ट करते हैं। तो यह एक बहुत अच्छा तरीका हो सकता है कि नौकरी करते हुए एक साइड बिजनेस करना या फिर नौकरी से पैसा इकट्ठा करके बिजनेस करना और आजकल अधिकतर युवा व्यक्ति यही कर रहे हैं क्योंकि बिजनेस के फायदे की तो बात ही निराली है  अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो।

 कृपया कमेंट करें और शेयर करें और आगे भी ऐसी पोस्ट देखते रहे।

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