बेइज्जती हो रही हो तो क्या करें?

 आज का सवाल है कई बार ऐसा होता है की हमारे कॉलेज में दफ्तर में या फिर कहीं ऐसी जगह पर कोई इंसान है ऐसा होता है या कई इंसान ऐसे होते हैं जो शारीरिक शक्ति में या पोस्ट में या किसी अन्य कारण से हमसे  सुपीरियर होते हैं  जिस वजह से  बे  हमारी बेज्जती कर देते हैं या नित्य हमारी बेजती करते हैं और हमारा मोरल इतना कितना डाउन हो जाता है कि हमें उन्हें बर्दाश्त करने कीआदत पड़ जाती है और हमें रोज उन्हें न चाहते हुए भी बर्दाश्त करना पड़ता है तो ऐसी स्थिति में क्या करे ?

  यह एक सामान्य सी बात है कि और ऐसा हमारे साथ अक्सर होता रहता है,ऐसा अधिकतर उन आदमियों के साथ या उन लोगों के साथ होता है जो मानसिक रूप से थोड़े इमोशनल होते हैं .

वह बातों को बहुत ज्यादा गंभीरता से लेते हैं और उन्हें छोटी-छोटी बातें बहुत ज्यादा हर्ट करती हैं.



 तो लोग उनकी इसी बातों का फायदा उठाकर उन्हें वैसा ही कुछ थोड़ा सा बोल देते हैं, तो उन्हें हर्ट हो जाता है, तो इसके लिए तो सबसे पहले तो आपको इस बात को समझना होगा कि आप जितना लोगों की बातों को सुनेंगे। इतना लोग आपको सुनाएंगे और आप उतनी ज्यादा बातों को और सुनते रहेंगे क्योंकि एक प्रकार की आदत होती है जो अपने आप विकसित हो जाती है लेकिन अब आप जिस प्रकार की समस्या बता रहे हैं, उसे तो ऐसा लगता है कि जिस आपको समस्या में फंस चुके हैं ।

तो उस समय तो यह कोई ज्ञान ध्यान की बातें काम आने वाली नहीं तो इसलिए आपको उस समय तो सबसे पहले उस स्थिति से जहां भी आप जिस कॉलेज या फिर दफ्तर में वहां से थोड़े समय के लिए दूर हट ना होगा। क्योंकि वह लोग शायद आपके साथ दिन भर रहते होंगे या कुछ समय के लिए रहते होंगे ।

तो उस समय में आपको ही बलि का बकरा बनाया जाता होगा,अब आप सोच रहे होंगे कि मैं ऐसा क्यों बोल रहा हूं दूर रखना होगा आप कहें कि मैं क्या ऐसा नहीं बन सकता हूं कि उनकी बातों का मुझ पर कोई प्रभाव भी ना पड़े या फिर मैं उनकी बातों का जवाब दे सकूं तो आपको यह बात समझनी होगी कि जब तक कि आप पर कोई प्रहार लगातार कर रहा है तो आप  उसके प्रहार सहते सहते  आप इतने ज्यादा घायल हो चुके हैं अब इतने ज्यादा कमजोर हो चुके हैं कि आप वहां रहकर तो उसका सामना नहीं कर सकते।

 अतः आपको करना तो वही होगा कि कुछ समय के लिए तो आपको मैदान छोड़कर भागना ही होगा।यह तो कुछ समय के लिए तो आपको थोड़ा दूर रखना ही होगा हां अब कुछ समय बाद अपने आपको बना कर वापस लौट सकते हैं उनको हरा सकते हैं। लेकिन आपको उस समय तो वहां से भागना ही होगा और कोई दूसरा उपाय नहीं है मैं आपको चाहे कितना भी ज्ञान दे दूं, लेकिन कुछ कामयाब नहीं होगा क्योंकि जब आदमी मैदान में होता है तो उस समय कोई ज्ञान काम नहीं आता है कुछ भी सीख लो उस समय कोई चीज काम नहीं आती है उस समय केवल वही काम आता है जो आपने अपने जीवन में जिसकी बहुत ज्यादा अभ्यास करा होता है।


 अतः आपको केवल एक ही राय है कि कुछ समय के लिए दूर रहना होगा जैसा की रासायनिक विज्ञान की भाषा में नहीं कहते हैं कि जब दो केमिकल आमने सामने मिलेंगे ही नहीं तो प्रक्रिया होगी ही नहीं।




 तो वैसे ही समस्या तो यही है ना कि जब आप लोगों के सामने आते हैं तो वह आगे की बात होती हो आपकी हंसी मजाक बनाते हैं जो कुछ भी करते हैं समस्या तब उत्पन्न होती है वैसे तो कोई समस्या नहीं है वैसे तो जीवन जैसे चल रहा है अच्छा खासा चल रहा है अच्छा खासा जैसा भी चल रहा है वैसे तो कोई समस्या नहीं आती है तो क्यों ना लोगों के सामने ही ना पड़ा जाए।

 कुछ समय के लिए जब आपको समय के लिए उन लोगों के सामने नहीं रहेंगे तो धीरे-धीरे उन लोगों के विचार बदल देंगे या मान लिया उन लोगों के विचार नहीं नहीं बदलते हैं।

 लेकिन आप तू तो सिचुएशन को समझ जाओगे तथा अपने आप उसके अनुसार दृढ़ भी बना लोगे जब एक बार आप अपने आप को दृढ़ बना लेते हो अनुशासित हो जाते हो तो चाहे आपको लोग प्रहार करें कुछ भी करें आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं।

 लेकिन जब तक आप अनुशासित नहीं होते हो तो एक कोमल पौधे की तरह होते हो जिसे कोई भी बकरी,गाय खा सकती है जब एक बार आप  वृक्ष का तना बन जाते हो तो उस पर चाहे धारदार हथियार से वार कर दिया जाए।

 लेकिन उस पर कोई असर नहीं पड़ता है लेकिन जब तक पौधा से तना नहीं बन जाते तब तक तो गाय बकरी से बचा कर रखना होगाऔर जब आप पूर्ण तैयारी करके वापस आओगे तो आप वैसे एक क्या 4 लोगों से भी लड़ सकते हो और उन्हें आसानी से हरा भी सकते हो। तो अब आप समझ गए होंगे कि आपको क्या करना है और आगे भी अगर आपको ऐसे ही इस क्षेत्र में थोड़ी और जानकारी चाहिए तो आप मेरी दूसरी पोस्ट https://tipsforhappylifestyletfhl.blogspot.com/2020/12/blog-post.html पढ़ें .

धन्यवाद अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो कृपया कमेंट करके बताएं शेयर करें तथा आगे भी ऐसे ही पोस्ट पढ़ते रहे।

No comments:

Powered by Blogger.