आओ तुम्हें जवानी सिखाएं?



अगर लोगों के हिसाब से देखें तो जवानी ही एक ऐसा पड़ाव है जो हर किसी जीव की जिंदगी में एक बार आता है।

 यह ऐसा समय होता है जिसे हर व्यक्ति चाहता है, हर व्यक्ति चाहता है कि वह हमेशा जवान ही बना रहे लेकिन क्या हम वास्तविकता में जवान हैं कि हम जवानी का पूर्ण आनंद उठा पाते ।

जवानी का आशय केवल शारीरिक रूप से जवान ही नहीं होता है और शारीरिक रूप से भी आज के जमाने में अधिकतर लोग जवान नहीं होते हैं वे हमेशा किसी न किसी तरह की बीमारी से ग्रसित रहते हैं जवानी  के लिए बहुत संयम की जरूरत होती है  आज के समय में जवान तो हर व्यक्ति होना चाहता है लेकिन संयम कोई नहीं रखना चाहता है,  आज के 70 परसेंट जवान लोगों को देखो तो लगता है कि न दमके हैं ना डकार के सांस सही से नहीं ली जा रही है अगर सही से धक्का लग जाए तो कहो कि राम प्यारे हो जाएं।  मक्खियां नहीं उड़ाई जा रही है अगर कोई जरा सा काम करने के लिए कह दो  तो ऐसा लगता है कि पता नहीं  कौन सा  बोझ आ गिरा। आज का खानपान ही इतना दूषित हो गया है कि क्या कहा जाए?  हर वस्तु में मिलावट हद से ज्यादा हो गई है  की छोटी छोटी उम्र में ऐसे भयानक असाध्य रोग हो रहे हैं  जो पहले के जमाने के बुड्ढों तक को नहीं होते थे। 


इसके लिए यह सबसे अधिक आवश्यक है कि आप अपना ध्यान रखें  एक बार को  रुखा सूखा खा ले पर  कभी मिलावटी चीजें ना खाएं अब कहने वाले कहेंगे कि  जवानी में कुछ भी खा लो सब हजम हो जाता है अरे भाई एक बार हजम हो जाएगा दो बार हजम हो जाएगा अगर तुमको तीनो टाइम वही खाओगे सड़ी हुई मैदा से बनी चीजें खाओगे आजकल तो जाने पता नहीं क्या क्या पिज़्ज़ा बर्गर मोमोज चली है जो शरीर के लिए बिल्कुल जहर के समान होते हैं , तो सबसे पहले तो इन सब चीजों का आज से ही त्याग कर दो क्योंकि जैसा खाना खाओगे वैसा ही शरीर बनेगा और वैसे ही बुद्धि आएगी।

  नित्य व्यायाम करना चाहिए।

 जवानी का अर्थ होता है चौड़े कंधे सुडौल छाती मजबूत हाथ और एकाग्र शांत चित्त मन और दुनिया भर की समस्याओं को  सुलझा ने का सामर्थ्य होता है जवानी में। जवानी का अर्थ हुड़दंग नहीं होता है कि अगर तुम जवान हो तो इसका मतलब यह नहीं कि तुम शोरगुल मचा कर ही ही अपनी जवानी प्रदर्शित कर सकते हो।

जवानी में आग के साथ साथ बुद्धिमानी भी होती है 

   दुनिया की जितनी भी क्रांतियां हुई है सब जवान लोगों ने ही करी है जवानी अपनी पहचान खुद ही कराती है,जवान व्यक्ति के चेहरे पर देखने लायक तेज होता है लेकिन आज के जमाने में तो बहुत ही कम लोग होते हैं जो जवान देखने को मिलते हैं ।


उम्र के पड़ाव में तो जानवर भी जवान होते हैं लेकिन असली जवानी मन की जवानी होती है उम्र की जवानी तो कुछ समय बाद ढल जाती है लेकिन जो व्यक्ति मन से जवान होता है तो उम्र के किसी भी पड़ाव में कुछ भी कर सकता है।

 जिम जाकर बॉडी बनाने से या चेहरे पर दाढ़ी मूंछ उगाने आने से कोई जवान नहीं होता यह पूर्ण जवानी नहीं होती बल्कि उम्र के अनुसार जवानी का एक लक्षण होते हैं।


     आपने अपने आसपास ऐसे बहुत से व्यक्ति देखे होंगे लगभग आपको ज्यादातर व्यक्ति ऐसे ही देखने को मिल जाएंगे जो शरीर से तो जवान हो गए हैं लेकिन जवान वाला कोई काम नहीं करते हैं एक भी समझदारी की बात नहीं करते हैं पूरे दिन हंसी ठिठोली या उल्टे सीधे काम करते रहते हैं पूरा दिन अपना ऐसे ही बर्बाद कर देते हैं अपने से छोटों को सताते हैं बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते हैं और भी ऐसी आपको कई आदतें आज के युवा लोगों में देखने को मिल जाएंगे अरे भाई जवान हो तो कोई भी काम करो कुछ भी करो चाहे उसके पैसे मिले ना मिले कुछ भी करो तो सही जवान व्यक्ति के पास आलस्य छूकर नहीं निकलता है।



 इससे आप क्या साबित करना चाहते हो यही साबित करना चाहते हो कि आप जवान हो गए हो जवानी अपनी पहचान खुद ही बताती है और यह सब कर्म तो एक भी जवानी के नहीं है जवानी बिल्कुल इसके विपरीत होती है।


 जवान व्यक्ति के कंधों पर बहुत भार होता है लोग कहते हैं अरे जवान को क्या परेशानी जो भी अगर देखा जाए तो सबसे ज्यादा परेशानी तो जवानी में ही आती है  

जवानी ही वह समय  होती है जब व्यक्ति को अपने जिंदगी के अहम फैसले लेने होते हैं।

 घर से मां-बाप का दबाव भी जवानी में ही होता है।

 परिवार का प्रेशर भी जवानी में ही होता है।

 जवान व्यक्ति ही समाज  की नजरों में रहता है।

 और गर्लफ्रेंड वगैरह के लफड़े और इन सब से संबंधित समस्याएं भी जवानी में ही होती है ।

जवानी ही वह दरवाजा होती है जहां से मनुष्य अपने सुनहरे या फिर दुख भरे  पूरी जिंदगी का चयन करने वाला होता है ।

अतः इस नजर से भी जवानी बहुत समस्याओं से घिरी हुई होती है।

 आलस गुस्सा यह सब चीजें भी जवान व्यक्ति का शिकार करने के लिए बहुत आतुरता से बैठी होती हैं बुड्ढों मैं  यह चीजें भी  इंटरेस्ट नहीं लेती है ।

और भी बहुत सी समस्याएं हैं जो एक जवान व्यक्ति को जिनका सामना करना पड़ता है।

 इसलिए अगर देखा जाए तो समाज का सबसे पीड़ित व्यक्ति तो जवान नहीं होता है लेकिन असली जवान वही होता है जो इन सब समस्याओं को सहन करते हुए जिंदगी में कुछ करता है।     

      नहीं तो बहुत से व्यक्ति अपनी पूरी जिंदगी ऐसे ही  मैं कभी जवान ही नहीं होते हैं पहले वे 30 साल की उम्र तक बच्चे बने रहते हैं और फिर बुड्ढे हो जाते हैं ज्यादातर व्यक्ति कभी जवान ही नहीं होते हैं भी हमेशा किसी भी काम को देख कर उनकी यही प्रतिक्रिया होती है की या तो बे इस काम के लिए बहुत छोटे हैं या उनकी उम्र हो गई है तो सीधे शब्दों में कहने का आशय यही है एक जवान व्यक्ति के पास खोने के लिए बहुत कुछ होता है  लोभ क्रोध मोह ईर्ष्या दुनिया भर के सारे उल्टे सीधे पाप कर्म एक जवान व्यक्ति का शिकार करने के लिए बड़ी आतुरता से बैठे होते हैं उन्हें जवान का ही शिकार करने में मजा आता है अगर जवान व्यक्ति सही तरीके से नहीं चलता है तो माया रूपी यह  बंधन उसको खोखला कर के रख देते हैं । 


जवानी में किसी मोटिवेशन गुरु की जरूरत नहीं होती है एक बार जो चीज दिमाग पर चढ़ गई तो चढ़ गई अब तो आर या पार जवान व्यक्ति के लिए समस्याएं कोई बहुत ज्यादा मायने नहीं रखती है और क्योंकि उसके पास सही गलत का निर्णय करने के लिए दिमाग भी होता है तो यही वह समय होता है जब हम अपने आने वाले समय को एक सुनहरा भविष्य दे सकते हैं जवानी खुद ही एक मोटिवेशन होती है।





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