क्या सरकारी नौकरी ही सब कुछ है?


 हर इंसान का सपना होता है कि वह अपनी जिंदगी में कुछ अलग हासिल करे ।

किसी अलग मुकाम पर पहुंचे और बहुत अधिक पैसा पैदा करें तथा उसके भविष्य में कोई भी उलझन है ना आए।

यह बात में बहुत अधिक तेज गति से हमारे दिमाग में उस समय चल रही होती है जब हम होते हैं कक्षा 12 में जो हमारी इंटर कंप्लीट होने वाली होती है और हमारे ऊपर घरवालों का जोरदार पर  दबाव होता है तो और हम भी बहुत ज्यादा उत्साहित होते हैं अपने आने वाली जिंदगी के लिए और इन्हीं सभी वजह से  बहुत अधिक लोग गलत निर्णय लेते हैं कि उन्हें जिंदगी में करना क्या है ।

जैसा कि आप जानते हैं भारत में सरकारी नौकरियों को बहुत ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है सरकारी नौकरी करने वाले को राजा के समान माना जाता है ऐसा माना जाता है कि उसके समान कोई दूसरा व्यक्ति ही नहीं दुनिया के सारे सुखचैन तो उसके चरणों में ही है।

उदाहरण के लिए अगर भारत में रहने वाली किसी मां का बेटा गूगल का सीईओ भी बन जाए तो उसकी जब वह अपनी मां को बताएगा कि मां मैं गूगल का सीईओ बन गया हूं तो उसकी मां यही कहेगी अरे बेटा बढ़िया है लेकिन सरकारी नौकरी मिल जाती तो और अच्छा होता ।

इसी वजह से इंटर के बाद अधिकतर बच्चे सरकारी नौकरी के प्रयास में लग जाते हैं चाहे वह सरकारी नौकरी किसी भी तरह की हो,बस सरकारी होनी चाहिए इसलिए आपको सबसे पहले यह निर्णय लेना चाहिए कि आपको करना क्या है अगर आपने  पूर्ण रूप से निर्णय ले ही लिया है कि आपको सरकारी नौकरी ही करनी है।

तो फिर आपके मन में सबसे पहले यह प्रश्न आता है कि इसकी तैयारी कैसे करें ।दो चार जगह पता करते हैं तो पता चलता है कि आपको फलानी नौकरी के लिए कोचिंग करनी चाहिए और आप कोचिंग करने के लिए किसी अकैडमी में एडमिशन ले लेते हैं और इन्हीं से शुरू होती है आप की सबसे बड़ी भूल ।

अगर आपको वास्तव में के सरकारी नौकरी की तैयारी करनी है तो आपको ऐसे तो अकैडमी में तो बिल्कुल एडमिशन नहीं लेना चाहिए  मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आपको अकैडमी में एडमिशन नहीं लेना है मेरा मतलब है कि आप सबसे पहले उसका अच्छी तरह से निरीक्षण करने के बाद पैसे जमा करें जैसा कि आप सभी जानते हैं एकेडमी का मतलब होता है जहां पर आपको हर विषय के सारे टीचर एक साथ मिल जाएंगे और यह भी आप लोग भली-भांति जानते होंगे कि सारे अच्छे टीचर मिलना बहुत ही मुश्किल बात है जैसे कि बहुत से मेढकों  को एक साथ तराजू में रखकर तोलना जब तक एक को रखेंगे तब तक दूसरा कूद जाएगा ।इसी प्रकार यह बहुत ही बड़ी बात है कि सारे टीचर एक साथ अकैडमी में मिल जाए। इसलिए आपको इन सारी चीजों का बहुत ही ज्यादा ध्यान रखना  चाहिए इसीलिए एक साथ सारे पैसे ना जमा करें।

इसकी जगह आप इंडिविजुअल सारे टीचरों से अलग-अलग कोचिंग कर सकते हैं इससे पैसे तो थोड़े शायद ज्यादा लग सकते हैं लेकिन आप की तैयारी बहुत ज्यादा बेहतर हो जाएगी किसी के कहे अनुसार उसकी बातों पर ना चले आप खुद अनुभव ने और उसके आधार पर काम करें।


 आपको यह बात तो दिमाग से बिल्कुल ही लगा निकाल देनी होगी कि कोई भी अकैडमी आपको एग्जाम क्लियर  कराएगी एकेडमी तो चाहेगी जितना आप जितने अटेम्प्ट सरकारी परीक्षा में लगाएंगे एकेडमी को उतना ज्यादा फायदा होगा तो एकेडमी तो बिल्कुल नहीं चाहेगी आपका एडमिशन हो अगर आप वास्तव में कोई भी सरकारी नौकरी निकालना चाहते हैं तो आपको उसके लिए खुद ही पढ़ाई करनी होगी तभी आपकी नौकरी निकलने के चांस बनते हैं वरना तो आप भूल ही जाइए।

अब आप में से कईयों को लग रहा होगा कि मैं आपको डिमोटिवेट कर रहा हूं तो ऐसा तो बिल्कुल नहीं है मैं आपको बिल्कुल डिमोटिवेट नहीं कर रहा हूं लेकिन बस मैं आपको केवल सच्चाई से रूबरू करा रहा हूं कि सच्चाई क्या है आप खुद ही जानते होंगे आज भारत की जनसंख्या कितनी है किसी भी सरकारी नौकरी में सीटें निकलती है मान लिया कि 1500 पोस्ट हैं और  उसमें फॉर्म डालने वालों की संख्या लाखों में चली जाती है तो आप खुद ही सोचते है कि उन लाखों में से केवल 15 सौ का सिलेक्शन होगा और बाकी ।बाकी का क्या होगा सच्चाई है तो यही है कि  बहुत टफ कंपटीशन हो गया है तो आप एकेडमी के भरोसे बिल्कुल नहीं बैठ सकते हैं। 

अब दूसरी बात आती है कि मान लो आपने पढ़ाई शुरू कर दी है अब आपकी पढ़ाई भी जोरदार तरीके से चल रही है तो उसके बाद आपको धैर्य भी रखना होगा क्योंकि अगर मान लिया पहली बार आपसे कोई भूल चूक हो जाती है या किसी भी गलती के कारण आपके सरकारी परीक्षा में सिलेक्शन नहीं होता है तो परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है और ना ही बहुत ज्यादा टेंशन लेने की जरूरत है वह केवल एक परीक्षा है आपकी जिंदगी नहीं है जिंदगी का केवल एक छोटा सा अंग है आप उसके दोबारा कोशिश कर सकते हैं और एक बात और हमेशा याद रखिए कि यह नहीं कि आप बार-बार डिमोटिवेट हो रहे हैं और दोबारा कोशिश कर रहे हैं फिर  डिमोटिवेट हो रहे हैं फिर कोशिश कर रहे हैं ऐसा करने से आप अपने आप को वास्तविकता में मानसिक रूप से बहुत निर्बल बना रहे हैं।

क्योंकि आदमी काम करने से कभी थकता या हारता नहीं है आदमी तभी निराश होता है जब उसको बार-बार असफलता हाथ लगती है इसलिए कृपया अगर आप बार-बार किसी चीज में असफल हो रहे हो तो समाज की चिंता बिल्कुल छोड़िए कि लोग क्या कहेंगे या फिर  आजकल यह बहुत ज्यादा मान्यता प्रचलित है कि जब तक तोड़ेंगे नहीं तब तक छोड़ेंगे नहीं पता नहीं क्या तोड़फोड़ मचाते रहते हैं और ऊपर से बहुत से आपको मोटिवेशनल स्पीकर मिल जाएंगे तो आप कृपया उनकी बातों में बिल्कुल ना फंसे जिंदगी आपकी है आपको ही निर्णय लेना है।

 अगर मान लिया आपने कि सरकारी परीक्षा के लिए 10साल  बर्बाद कर दिया और वह आपको नौकरी मिल भी जाती है तो ऐसी नौकरी का क्या करेंगे आपने अपना जो सुनहरा 10 साल  का सुनहरा मौका गवा दिया वह आपको क्या वापस मिल जाएगा। इसलिए सबसे पहली बात तो अपने पैशन को पहचानिए आपका किस काम को करने में बहुतज्यादा इंटरेस्ट है अगर आपको अपने पैशन को पहचान जाएंगे तो बहुत ज्यादा चांस बन जाते हैं कि आप अपनी जिंदगी सुधार ले जाएंगे एक सरकारी नौकरी आपके जिंदगी का फैसला बिल्कुल नहीं करती कतई नहीं करती। इसलिए आप कोई भी काम करें उसमें अपना 100% दे और उसे एक या दो बार ही ट्राई करें इससे ज्यादा ट्राई ना करें क्योंकि जो आपके आत्मविश्वास की क्षति होती है उसकी पूर्ति बहुत मुश्किल से हो पाती है।

  दुनिया का सबसे अमीर आदमी कोई सरकारी नौकर है अगर  सरकारी नौकरी करने से आदमी अमीर हो जाता है तो अंबानी,एलोन मस्क, जैक मा ,मार्क जुकरबर्ग की जगह कोई 9:00 से 5:00 ड्यूटी करने वाला सरकारी आदमी या आईएएस पीसीएस अमीर होता  हां वह एक अलग बात है कि अगर आपका पैशन ही है ऐसा कि जिसके लिए आपको सरकारी नौकरी में ही जाना पड़ेगा जैसे कि अगर आप आर्मी में ज्वाइन होना चाहते हैं तो आपको सरकारी ही होना पड़ेगा क्योंकि कोई प्राइवेट आर्मी नहीं है। इसके अलावा और भी कई बहुत सारे क्षेत्र होते हैं क्योंकि पैसा ही सब कुछ नहीं होता है।

लेकिन अगर आप पैसे सुखचैन आराम की दृष्टि से देख रहे हैं तो ऐसा नहीं है कि प्राइवेट नौकरी की अपेक्षा या फिर किसी बिजनेस व्यापार की अपेक्षा सरकारी नौकरी वाले सुख चैन से रहते हैं।



 अंत में मैं आपको एक बोनस टिप यह देना चाहूंगा कि आपको हर किसी की बात नहीं सुनना चाहिए हर किसी की कही बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए कि कहीं कुछ पढ़ा लिखा देख लिया तो उसी को सच मानने लगे।

     

जैसे उदाहरण के लिए किसी को चीकू आदमी के दिमाग में  एक विचार ने जन्म लिया कि पियो पेप्सी दिखो सेक्सी उसने बाकायदा इसे एडिट करके फेसबुक पेज पर लिखा और नीचे किसी महापुरुष का नाम डाल दिया।आपने उसे पढ़ा और आंखें बंद करके विश्वास कर लिया और लग गए दबाकर पेप्सी पीने में। आपको कुछ अपने दिमाग का भी इस्तेमाल करना चाहिए कि सारी बातें महापुरुष ही नहीं कहते हैं कुछ बातें इन जैसे चिंकू पिंकू भी कहा करते हैं।

धन्यवाद 

अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो कृपया कमेंट करें शेयर करें और आगे भी ऐसे ही पढ़ते रहे।

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