Revolution 2020 novel summary हिन्दी में।

 

यह कहानी बाराणसी  में रहने वाले 3 फ्रेंड्स की है, गोपाल राघव और आरती।
 चेतन भगत गोपाल से मिलने के लिए आए हैं वह उसके कॉलेज  का उद्घाटन करने के लिए आए हैं,उद्घाटन करने के बाद गोपाल और चेतन भगत कुछ बातचीत करने के लिए मिलते हैं वे दोनों ड्रिंक कर रहे होते हैं गोपाल ड्रिंक करके बाथरूम जाता है और वहां पर बेहोश होकर गिर जाता है चेतन भगत उसे अस्पताल में भर्ती कर आते हैं कुछ समय बाद जब गोपाल होश में आता है तो चेतन भगत उससे पूछते हैं कि तुम्हें क्या हुआ था तुम कैसे गिर गए थे तो वह चेतन भगत को एक कहानी सुनाता 
है।




 वह चेतन भगत को अपने कॉलेज के जमाने की पुरानी कहानी सुनाता है ।वह कहता है कि कुछ साल पहले जब वह कॉलेज में पढ़ता था उस समय की बात है वहाँ एक लड़की थी आरती जिसका टिफिन चुराकर खाना खा रहा था आरती यह जब देख लेती है तो वह गोपाल पर बहुत गुस्सा करती है लेकिन जब गोपाल उसको बताता है कि उसकी मम्मी खत्म हो गई है जिस वजह से उसे स्वादिष्ट खाना खाने के लिए बहुत ही कम बार मिल पाता है तो वह गोपाल को माफ कर देती है और उसे अपना लंच शेयर करने के लिए कहती है इस तरह गोपाल और आरती अच्छे दोस्त बन जाते हैं।
 उसी कॉलेज में राघव भी पड़ता है अब तीनों अच्छे दोस्त बन जाते हैं गोपाल और राघव और आरती साथ घूमते फिरते हैं।
 धीरे-धीरे गोपाल को आरती से प्यार होने लगता है आरती को कई बार बताता है और प्रपोज भी करता है कि वह उसे प्यार करता है लेकिन आरती उसे केवल एक दोस्त बना रहने के लिए ही कहती है। गोपाल बहुत गरीब परिवार से होता है और आरती बहुत अमीर परिवार की होती है। 
जब उनका कॉलेज खत्म हो जाता है जब वे लोग इंटर कर लेते हैं आगे की पढ़ाई के बारे में सोचते हैं वे तीनों जेईई की परीक्षा देने के लिए अच्छे कोचिंग इंस्टीट्यूट से कोचिंग करते हैं आरती  एयरहोस्टेस बनना चाहती है गोपाल एक इंजीनियर बनना चाहता है वह इंजीनियर इसलिए बनना चाहता है क्योंकि यह उसके पापा का ड्रीम है।राघव जेईई की परीक्षा निकाल देता है लेकिन वह एक  जर्नलिस्ट बनना चाहता है।
 राघव और आरती तो जेईई का एंट्रेंस एग्जाम निकाल लेते हैं लेकिन गोपाल नहीं निकाल पाता है उसे बहुत दुख होता है एक बार फिर कोचिंग करने के लिए लग जाता है उसके पिता अपना सारा पैसा उसकी कोचिंग के लिए लगा देते हैं लेकिन दुर्भाग्य से इस बार भी गोपाल जेईई की परीक्षा नहीं निकाल पाता हैं जब उनके पिता को पता चलता है कि उसने इस बार भी परीक्षा नहीं निकाल पाई है तो वह उसे बहुत बुरा भला कहते हैं गोपाल उनसे कहता है कि उस पर एक होटल में ₹5000 में वेटर की नौकरी कर ली है।
 

गोपाल को बाद में पता चलता है कि उसके पापा की मौत हो गई है वह उसके उनके अंतिम संस्कार के लिए गांव में वापस आता है और वहां  उसकी  कुछ जमीन होती है जो कि विवादित होती है उसके रिश्तेदार  उसे उस जमीन को ₹300000 में बेचने के लिए दबाव डालते हैं गोपाल को जब पता चलता है कि उसके पिता उसके लिए ₹200000 का कर्ज छोड़कर गए हैं तो उसे बहुत दुख होता है।
इधर आरती और राघव एक दूसरे के करीब आने लगते हैं वे दोनों रिलेशनशिप में हो आ जाते हो और एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं।
 गोपाल भीतर से टूट जाता है तभी उसका एक दोस्त उसे एरिया के एमएलए शुक्ला जी से मिलाता है और शुक्ला जी उसकी सहायता करने का वादा देते हैं और वह उस जमीन पर कॉलेज बनाने में इंटरेस्ट दिखाते हैं और वह उसके रिश्तेदारों से जबरदस्ती वह जमीन हथिया लेते हैं और रिश्वत देकर धोखाधड़ी से उस जमीन पर कॉलेज बनवाने के लिए सरकारी कागज भी बनवा लेते ।उसी इंजीनियरिंग कॉलेज का आज के समय में गोपाल मालिक है जिसका चेतन भगत से उद्घाटन करवाता है।
  आरती के परिवार वाले उसे वाराणसी छोड़कर नहीं जाने देते हैं इसलिए उसका एयर होस्टेस बनने का सपना पूरा नहीं हो पाता है। इसलिए वह वही एक होटल में काम करने लगती है
  राघव इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर लेता है लेकिन  वह इंजीनियर नहीं बनना चाहता है इसलिए इंजीनियर बनने की जगह एक अखबार में काम  करने लगता है हर अखबार में गोपाल की कॉलेज के चर्चे होते हैं राघव की अखबार वाले उन्हें गोपाल का इंटरव्यू लेने के लिए भेजते हैं इंटरव्यू में गोपाल को राघव की सच्चाई पता चलती है तो वह अपने अखबार में सब कुछ छाप देता है कि कैसे धोखाधड़ी करके उसने शुक्ला जी के साथ मिलकर यह कॉलेज बनाया है और इसके बाद अखबार वाले राघव को अपने परिवार से निकाल देते हैं और वह नौकरी से हाथ धो बैठता है।
 यहाँ गोपाल आरती से फिर से मिलने लगता है वह उसी होटल में एक कमरा ले लेता है जिस होटल में आरती काम कर रही होती है वह और आरती  कमरे  में दोनों लोग अकेले होते हैं आरती को इस बात के लिए बहुत दुख होता है कि वह राघव के साथ रिलेशन में होने के बाद भी  गोपाल के साथ intimate  हुई ।
गोपाल एक बंगला खरीदता है और उस बंगले में  आरती को इनवाइट करता है वह आरती से राघव को भी बुला कर लाने के लिए कहता है।
 इधर राघव रिवॉल्यूशन 2020 एक पत्रिका छापता है और उसमें गोपाल के सारे काले चिट्ठे लिखने लगता है गुंडे आकर राघव को पीटकर सब कुछ बर्बाद कर देते हैं लेकिन राघव अब हाथ से पेपर  पर लिख कर सबको गोपाल और शुक्ला जी के कार्य कारनामों से रूबरू करने में लगा होता है, गोपाल को जब यह पता चलता है तो वह गुस्से में राघव से मिलने के लिए जाता है उसे यह बताने के लिए कि उसने उससे उसकी गर्लफ्रेंड और उसकी नौकरी दोनों छीन ली है उसे बिल्कुल जमीन पर ला दिया है उसे बिल्कुल बर्बाद कर दिया है।
 जब वह राघव के घर पर पहुंचता है तो वहां पर देखता है कि एक किसान का बेटा गंदा पानी पीने की वजह से मौत से लड़ रहा होता है गोपाल को राघव यह बताता है कि यह गंदा पानी उन्हीं गैरकानूनी कारखानों से आ रहा है ,तो गोपाल को उस किसान के लड़के में अपना बचपन दिखाई देता है गोपाल को अपनी गलती का पश्चाताप होता है।
 गोपाल सब कुछ दोबारा पहले जैसा करने के लिए कसम खाता है और एक अच्छा आदमी बन कर दिखाने का प्रण लेता है।
वह आरती के सामने एक दूसरी लड़की के साथ जाता है और उसे कहता है कि वह उसे प्यार नहीं करता है उसका यूज़ कर रहा था जिससे आरती दोबारा राघव के पास आ जाती है और वह अखबार की कंपनी  से कहकर राघव को दोबारा उसकी नौकरी वापस दिला देता है।
 अब गोपाल चेतन भगत से पूछता है क्या वह एक अच्छा आदमी बन गया है उसने जो कुछ किया है क्या ठीक है इस तरह नोबेल खत्म हो जाती है।
 
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