Biography of Ratan tata in Hindi.

 



टाटा ग्रुप और कंपनी के चेयरमैन रतन टाटा को कौन नहीं जानता है! तो आइए आज रतन टाटा के बारे में बातचीत करते हैं.

आज मैं आपको रतन टाटा की जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से वताऊगा। रतन टाटा की जिंदगी बहुत ही कष्ट में बीती थी वे बचपन में  सौतेले भाई के साथ रहे तो छोटी उम्र में मां बाप ने तलाक कर लिया था मां की दूसरी शादी हो गई थी जवानी में उनकी गर्लफ्रेंड उनको छोड़कर चली गई थी और पता नहीं ना जाने क्या-क्या?रतन टाटा ने कितने कष्टसहे थे?

 रतन टाटा के समय में टाटा ग्रुप का रेवेन्यू 40 गुना बड़ा और प्रॉफिट 50 गुना बड़ा. इनकी खासियत यह थी कि अगर कोई इनकी बेइज्जती करता था तो यह तुरंत अपनी सफलता से उसको जवाब देते थे अगर आप इनको डिमॉनेटाइज करोगे तो समझ लो कि अब आप की शामत आई यह इतनी ज्यादा सफल हो जाएंगे की आपको वापस आकर इन से माफी मांगने ही पड़ेगी.

व्यापार के क्षेत्र में 90 परसेंट कंपनियां ऐसी होती हैं जो मुश्किल से 5 साल तक चल पाती है मतलब 5 साल के अंदर 90 परसेंट कंपनियां बंद हो जाती है और सिर्फ पांच परसेंट कंपनियां ही ऐसी होती है जो 10 साल तक टिक पाती हैं और  .01% कंपनियां ही ऐसी होती है जो 100 साल तक चलती हैं लेकिन टाटा ग्रुप एक ऐसी कंपनी है जो पिछले डेढ़ सौ सालो से अपना परचम लहरा रही  है.

देश की जीडीपी में 4% कंट्रीब्यूट्स रतन  टाटा अकेले करते हैं इनकी कंपनी डीडब्ल्यूएस की अकेली कीमत इतनी है कि पाकिस्तान की सारी कंपनियों की कीमत मिला ली जाए तो उससे कम होगी ऐसे हैं, हमारे रतन टाटा 50000 करोड़ लगभग का टैक्स अकेले टाटा ग्रुप हर साल पे करते हैं। असम, हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा, गोवा मिलाकर इतना टैक्स कलेक्ट नहीं करते हैं जितना टाटा ग्रुप ऑफ कंपनी अकेले 1 साल में पे करती हैं टाटा ग्रुप का हमारी सुख-सुविधाओं में बहुत बड़ा योगदान है।

28 दिसंबर 1937 को रतन टाटा का जन्म हुआ था और लगभग रतन टाटा 83 साल के हो चुके हैं पिता नवल टाटा मां सोनी टाटा थी रतन टाटा के बचपन में इनका तलाक हो गया था जिसकी वजह से इन्हें अपनी दादी के पास अकेला रहना पड़ा था उन्होंने अमेरिका में हावर्ड में कॉर्नर यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है।

 1.जब 1962 में जब अमेरिका से भारत लौट कर आए थे तो सबसे पहले इन्होंने टाटा स्टील कंपनी में काम करना शुरू किया वहां पर यह मजदूरों के साथ रहते थे मजदूरों के साथ ही खाना खाते थे एक भी जब इन्होंने अपने बॉस से कहा कि उन्हें आने के लिए कार चाहिए तो बॉस ने हंसते हुए कहा कि तुम्हें कार नहीं मिलेगी तुम्हें साइकिल से ही आना होगा तो उन्होंने कहा मैं समझ गया और वह पैदल ही आने लगे।

 तो चलिए इनकी जीवन से जुड़ी कुछ कहानियां मैं आपको बताता हूं जिसमें पहली कहानी है की

 1.इन्होंने शादी क्यों नहीं की? लॉस एंजेलिस में इन्हें एक अमेरिकी लड़की से प्रेम हो गया था यह उससे शादी करना चाहते थे वह भी इन से शादी करना चाहती थी जिस दिन यह लोग शादी कर रहे थे उधर अमेरिका से भारत से इनके लिए फोन आया और फोन इन की दादी का था कि दादी ने कहा कि बेटा मेरी जिंदगी के आखिरी दिन है मैं तुम्हें देखना चाहती हूं तो इन से रुका नहीं किया क्योंकि इनके दादी नहीं ने पाला पोसा था यह दौड़ते हुए चले आए तो इन्होंने अपने उस प्रेमिका से भी कहा कि वह भी इनके साथ चले लेकिन जब उसने अपने मां-बाप से पूछा तो उन्होंने मना कर दिया क्योंकि उस टाइम भारत में इंडो चाइना वॉर चल रहा था बात 1962 की थी तो उन्होंने कहा कोई बात नहीं जब मैं तुम्हें बाद में बुला लूंगा लेकिन जब यह भारत पहुंचे तो उन्हें खबर मिली कि उस लड़की के मां-बाप ने तो उसकी शादी कर दी थी उन्हें बहुत दुख हुआ गहरा धक्का लगा लेकिन इन्होंने उसके बाद जिंदगी में कभी शादी नहीं की क्योंकि उन्होंने उस लड़की से कमिटमेंट कर ली थी कि मैं शादी करूंगा तो सिर्फ तुम्हीं से करूंगा और इनका मानना था कि अगर कोई दूसरा व्यक्ति अपने कमिटमेंट तोड़ देता है इसका मतलब यह नहीं कि वह भी अपने कमिटमेंट तोड़ दे इसीलिए उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी शादी नहीं की जिसका जिक्र उन्होंने कई इंटरव्यू के दौरान भी किया है।

2.दूसरी कहानी का किस्सा एक बार यह नासिक जा रहे थे मुंबई से.इनके साथ कई लोग थे जो कार से जा रहे थे और रास्ते में कार का टायर पंचर हो गया तो इनके जितने लोग साथ  थे वह सारे मिलकर पड़ोस की दुकान पर कोई सिगरेट पीने लगा कोई चाय पीने लगा कोई गप्पे हांकने लगा लेकिन सब लोग ने देखा कि टाटा जी कहां हैं तो इधर-उधर ढूंढने के बाद जब टाटा जी नहीं मिले तो उन्होंने कार के पास जाकर देखा तो टाटा जी ड्राइवर के साथ मिलकर टायर को बदलवाने में उसकी सहायता कर रहे थे तो लोगों ने कहा कि अरे रतन जी आप रतन टाटा हैं आप ऐसा काम कैसे कर रहे हैं तो उन्होंने बड़ी आराम से कहा कि अगर यह ड्राइवर अकेले इस टायर को 15 मिनट में बदलता है और मेरी मदद से इस टायर को 8 मिनट में बदलता है तो जो 7 मिनट बचेंगे वह मैं नासिक जाकर अपनी मीटिंग को दे सकता हूं उन्होंने कहा कि अगर आप समय को बर्बाद करेंगे तो समय आपको बर्बाद कर देगा।

3. तीसरी कहानी आपको होटल ताज अटैक के बारे में तो पता ही होगी जब अजमल कसाब ने ताज होटल पर अटैक किया था तो बहुत से लोगों को घायल कर दिया था बहुत से लोगों को मौत के घाट उतार दिया था तो उस दौरान रतन टाटा ने इतनी सहानुभूति दिखाई थी कि जिन लोगों जो लोग उनकी कंपनी में काम करते थे उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को बहुत-बहुत 50 60 70 लाख रुपए दिए थे और साथ ही साथ उसके बाद उनको आजीवन नौकरी। नौकरी करने वाले व्यक्ति की जगह नौकरी या फिर उस व्यक्ति की पूरी सैलरी दी थी और बहुत से लोगों की शिक्षा पूरी जिंदगी भर ध्यान रखा था बहुत से लोगों को आजीवन डॉक्टर दिया था और सिर्फ अपनी कंपनी में काम करने वाले व्यक्तियों को ही नहीं बल्कि उन लोगों को भी जो उस घटना के दौरान वहां पर थे जो कंपनी के बाहर ठेला लगाते थे पाव भाजी की दुकान लगाते थे चाय की दुकान दार कपड़े की दुकान और भी अन्य दुकानदारों या लोगों को पुलिस वालों को सब को इन्होंने मुआवजा दिया था।

4.चौथी कहानी भी ताज होटल अटैक की है जब ताज होटल पर अटैक हुआ था तो उस समय ताज होटल का बहुत नुकसान हुआ था इन्होंने एक टाइम उन्होंने एक न्यूज़ निकाली थी कि जो इस ताज होटल को मरम्मत करने का टेंडर लेगा वह कृपया अप्लाई कर सकता है तो दो पाकिस्तानियों ने भी ताज होटल के लिए सही करने के लिए अप्लाई किया था जब उन्होंने रतन टाटा से फोन पर बात की और उनसे मिलने के लिए कहा तो रतन टाटा ने साफ मना कर दिया कि मैं अपने दुश्मन मुल्क को रोजगार नहीं दूंगा लेकिन दिए दोनों पाकिस्तानी जबरदस्ती रतन टाटा से मिलने के लिए आ गए और बिना अपॉइंटमेंट से उनसे मिलने के लिए पहुंच गए तो रतन टाटा ने साफ साफ मना कर दिया कि मैं  तुमसे बात नहीं  करना चाहता तो इन लोगों ने उस समय के मंत्री एक थे जिनका नाम नहीं पता है उनसे बात की और कहा कि रतन टाटा किसी से तो ताज होटल की मरम्मत करवाएंगे ही।उनसे क्यों नहीं तो कृपया वे रतन टाटा से बात करें और उनसे उन्हें कन्वेंस करें जब उस  मंत्री ने रतन टाटा को फोन किया तो रतन टाटा ने सीधे-सीधे शब्दों में कह दिया आप बेशर्म हो सकते हैं मैं बेशर्म नहीं हूं मैं अपने देश के दुश्मनों को हरगिज रोजगार नहीं दूंगा।

 5.एक बार रतन टाटा के इंस्टाग्राम पर 1 मिलीयन फॉलोअर्स हो गए तो इंस्टा पर आए और उन्होंने एक वीडियो अपलोड कर दी जिसमें उन्होंने सारे लोगों को उन्हें फॉलो करने के लिए धन्यवाद दिया तो एक लड़की ने जो उनकी पोस्ट देखी तो उन्होंने उस पर नीचे कमेंट कर दिया कि थैंक यू छोटू जब लोगों ने देखा कि रतन टाटा को छोटू कह रही है तो लोगों ने बहुत उस पर गुस्सा किया और बहुत उल्टी-सीधी गालियां सुनाई जब रतन टाटा ने यह देखा तो उन्हें द्वारा इस मामले के बीच में आना पड़ा उन्होंने उस लड़की से तो अपशब्द नहीं कहे उल्टा उस लड़की  को गालियां ना देने के लिए लोगों से प्रार्थना की और उस लड़की से कहा कि मैं क्षमा चाहता हूं कि आपकी यह लोग बेज्जती कर रहे हैं जब लोगों ने देखा तब तो लोगों को और भी गुस्सा आने लगा कि देख देख ऐसे हैं रतन टाटा और तू उनसे छोटू कह रही है तो लड़की ने भी डर कर अपना कमेंट डिलीट कर दिया।

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