हमारा दिमाग इन 12 नियमों पर आधारित तरीकों से काम करता है।



अगर बात की जाए कि हमारी सारी समस्याओं की जड़ क्या है या फिर हमारी सारी समस्याओं का निवारण क्या है तो आपको यह जानकर बहुत ही ज्यादा हैरानी होगी कि हमारी सारी समस्याओं का कारण और निवारण साधारणतया एक ही चीज है,

 वह है हमारे सोचने का तरीका।

वैसे तो इसके जवाब हम जितने ज्यादा लोगों से पूछेंगे हमें इन प्रश्नों के उतनी ज्यादा जवाब मिलेंगे, लेकिन वास्तविकता यही है कि हमारी सारी समस्याओं का कारण और उनका निवारण केवल हमारे सोचने का तरीका है।

 जो बुद्धिमान लोग होते हैं उनके लिए समस्याएं अवसर बन जाती हैं और जो बेवकूफ लोग होते हैं उनके लिए अवसर समस्याएं बन जाते हैं। अगर हमारा दिमाग ठीक तरीके से काम करता है तो हम अपनी जिंदगी में आने वाली बड़ी से बड़ी समस्या को भी बहुत आसानी से हल कर सकते हैं।

तो आज की पोस्ट में मैं आपको कुछ ऐसे नियम बताऊंगा जो दिमाग पर लागू होते हैं,मतलब आप इन नियमों की सहायता से दिमाग को और अच्छी तरह से समझ पाएंगे कि आपका दिमाग किस तरह से काम करता है,

और अगर आप इन नियमों को अच्छी तरह से फॉलो करते हैं तो आप अपने दिमाग के काम करने की क्षमता को 10 गुना तक बढ़ा सकते हैं हां आप अपने याद करने की क्षमता को भी 10 गुना तक बढ़ा सकते हैं सोचने की क्षमता को भी उतना ही बड़ा सकते हैं तो चलिए शुरू करते हैं,

 1.दिमाग एक survival organ है

 बहुत साल पहले जब हमारे पूर्वज जानवर थे तब उनका दिमाग इतना ज्यादा विकसित नहीं हुआ था और धीरे-धीरे उनके दिमाग का क्रमशः विकास होता रहा जिससे बेल लगातार अपनी हालत में सुधार करते रहे और लगातार उनकी स्थिति में आश्चर्यजनक परिवर्तन आते रहे इस चीज से यह बात तो साफ-साफ सिद्ध होती है कि हमारा दिमाग हमेशा से इतना तेज नहीं था मतलब कि हमारा दिमाग एक सर्वाइवल ऑर्गन है धीरे-धीरे हमारा दिमाग बहुत ज्यादा तेज हो सकता है इसके लिए यह बिल्कुल जरूरी नहीं है कि हम तेज दिमाग के साथ ही पैदा हुए हो या भी अगर हमारे अंदर कम दिमाग है तो हम उसे तेज नहीं कर सकते हैं  जो लोग भी सोचते हैं कि उनका कुछ नहीं हो सकता यह जो लोग इस बात से निराश हैं कि वह कम दिमाग है तो उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वे लगातार प्रयास से अपना दिमाग बहुत ज्यादा तेज कर सकते हैं ,
   "कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपके अंदर कितनी ज्यादा शारीरिक शक्ति है क्योंकि Survive वही करता है जिसके पास स्ट्रांगेस्ट ब्रेन होता है ना कि स्ट्रांगेस्ट बॉडी.

 2. एक्सरसाइज से दिमाग की ताकत बढ़ती है

 दिमाग का दूसरा रूल है एक्सरसाइज करना अगर आप शारीरिक व्यायाम दिल्ली करते हैं तो आपका दिमाग और ज्यादा बूस्ट होता है और आपके दिमाग को नई ऊर्जा मिलती है और कार्य करने की क्षमता बढ़ती है कई बार वैज्ञानिक शोधों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि जो लोग दिल्ली व्यायाम करते थे उन लोगों में कभी भी व्यायाम न करने वाले लोगों की अपेक्षा दिमाग की मांसपेशियां ज्यादा दुरुस्त पाई गई क्योंकि उनमें ऑक्सीजन का फ्लो लगातार होता रहता था वैसे तो एक साधारण मनुष्य को दिन में कम से कम 19 किलोमीटर चलना चाहिए लेकिन आप औसत रूप से 1 सप्ताह में 2 से 3 घंटे की घर पर रहकर ही एक्सरसाइज करके भी अपने दिमाग को दुरुस्त बना सकते हैं।

3. एक अच्छी नींद लेने वाले इंसान का दिमाग ज्यादा तेज होता है

 अगर आप लगातार काम करते रहते हैं या फिर कोई भी लगातार रूप से मानसिक पहेली में उलझे रहते हैं और बिल्कुल भी आराम नहीं करते हैं तो साधारण सी बात है कि आपका दिमाग काम करना बंद कर देगा या फिर एवरेज रूप से उसकी स्पीड कम हो जाएगी जैसा कि किसी भी मशीन के साथ होता है अमेरिका में वैज्ञानिकों ने एक इंसान पर एक प्रयोग किया कि उसे पहले बिना सोए लगातार 6 घंटे तक दिमागी कसरत कराई गई दोबारा में उसे 26 मिनट की एक झपकी लेने के लिए समय दे दिया गया तो उन्होंने देखा कि उसकी परफॉर्मेंस में उन्हें जबरदस्त अंतर देखने को मिला और यह अंतर लगभग 34 परसेंट का था मतलब उनकी एक झपकी लेने से 34 पर्सेंट परफॉर्मेंस बढ़ गई Wow.

4. हमेशा चिंता करने से याद रखने की क्षमता और दिमाग की ताकत कमजोर होती है 

अगर आप एक ऐसे इंसान हैं जो लगातार चिंतित रहता है और विचारों में खोया रहता है तो आपको यह विश्वास करना होगा कि आप कुछ ही समय में दिमागी रूप से बहुत ज्यादा कमजोर होने वाले हैं या फिर कमजोर हो चुके हैं क्योंकि हमारा दिमाग कुछ इस तरह से डिजाइन होता है कि वह केवल 30 सेकंड तक ही स्ट्रेस को बर्दाश्त कर सकता है और उसके बाद जवाब देना शुरू हो जाता है तो अगर कोई इंसान 30 सेकंड से ज्यादा चिंता करता है तो फिर वह मानसिक रूप से बीमार होना शुरू हो जाता है और तू और लगातार चिंता करने वाले इंसान को हार्टअटैक जैसे गंभीर बीमारी होने की भी संभावना होती है।

5. हर इंसान का दिमाग अलग तरह से wired होता है 

मूलतः यह कह दिया जाता है कि सारे इंसानों का दिमाग एक जैसा होता है लेकिन यह बात तो जितनी सही है उतनी ही ज्यादा गलत भी है क्योंकि हर इंसान के सोचने का तरीका बिलकुल अलग होता है और जिसके अनुसार उसका लक्ष्य बिल्कुल अलग हो सकता है किसी इंसान की खेलने में रुचि हो सकती है तो किसी की पढ़ने में हो सकती है इसी तरह से कुछ कहा नहीं जा सकता है कि किस इंसान की किस क्षेत्र में रुचि है उसे वह चीज खुद ही ढूंढ पड़ती है लेकिन आज के शिक्षा व्यवस्था के अनुसार सारे अलग-अलग तरह से सोचने वाले लोगों को एक ही क्लास में बैठा कर एक ही तरह से उनकी योग्यताओं का निर्धारण किया जाता है जो कि बिल्कुल ही सही नहीं है और मेरे अनुसार इस शिक्षा व्यवस्था को बहुत ही जल्द बदला जाना चाहिए या फिर इसमें सुधार करना चाहिए।

6. हम बोरिंग चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं

 हमारा दिमाग कुछ इस तरह से बना हुआ होता है कि हमें केवल अपने काम की चीजें ही दिखाई देती हैं और केवल हम अपने हित के बारे में ही सोच सकते हैं हम कभी भी किसी भी बोरिंग चीज पर ध्यान नहीं दे सकते हैं जैसे कि हमारा ध्यान हमेशा इन्हीं चीजों पर रहता है कि क्या मैं इसे खा सकता हूं या क्या यह मुझे यह मुझे खा सकता है या फिर क्या मैं इसके साथ रिलेशनशिप में आ सकता हूं या मुझे इससे क्या फायदा है या क्या यह मेरा फायदा उठा सकता है इसका कारण ही यह है कि जब तक हमें किसी चीज में कोई इंटरेस्ट नहीं मिलता है तब तक हम उस काम को कभी नहीं कर सकते हैं और ना ही उस लक्ष्य को कभी पा सकते हैं जिसके पीछे हमारी खुद करने की इच्छा ना हो तू अब आप समझ ही गए होंगे कि हम लोगों के मां बाप के इतना चिल्लाने के बाद भी हम लोग पढ़ाई क्यों नहीं करते हैं।

7.अगर हम किसी इंफॉर्मेशन को याद रखना चाहते हैं तो उसे रिपीट करना होगा 

जैसा कि मैंने आपको बताया है कि हम केवल अपने फायदे की चीज को महत्व देते हैं और लेकिन बहुत सी ऐसी चीजें भी होती हैं जो दूर दृष्टि से बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होती हैं तो हमारा दिमाग तो केवल उन्हीं चीजों को ग्रहण करता है जो उसे महत्वपूर्ण लगती हैं या फिर इंटरेस्टिंग लगती हैं और बाकी चीजों को वह धीरे-धीरे बोलने लगता है तो अगर आप उन चीजों को ज्यादा समय तक याद रखना चाहते हैं जो वाकई में महत्वपूर्ण हैं तो आपको उन्हें बार-बार रिपीट करना होगा यही एक तरीका है कि आप उन चीजों को लंबे समय तक ध्यान में रख सकते हैं कि आप अपने दिमाग को यह बताएं कि यह चीज महत्वपूर्ण है।

8.सारी इंद्रियां एक साथ काम करती हैं 

हमारे दिमाग की एक खासियत होती है कि हमारी सारी इंद्रियां एक साथ काम करती हैं और वे एक दूसरे का सहयोग भी करती हैं जैसे कि अगर आप कोई चीज याद करते समय अगर किसी विशेष स्वाद की कोई चीज साथ साथ में खाते भी हैं तो जब कुछ दिनों बाद आप उसी चीज को दोबारा खाएंगे तो कुछ संभावनाएं होती हैं कि आपने उस समय जो कुछ भी याद किया है आपको अच्छी तरह से याद आ जाएगा आप इस चीज का फायदा उठा सकते हैं इसका फायदा स्टूडेंट्स लाइफ में हर किसी ने उठाया होगा कि पढ़ते समय हम किसी फ्लेवर की चिंगम जब आते हैं और उसी फ्लेवर की चिंगम को हम पेपर में बैठते वक्त जब आते हैं तो हमारे लिए पेपर सॉल्व करना काफी ईजी हो जाता है।

9. देखने की सेंस सबसे ज्यादा ताकतवर होती है

 हमारी सारी सेंस इसमें हमारी आंखों से हम जो भी चीज देखते हैं उसे हम काफी ज्यादा समय तक याद रखते हैं इस चीज को हम कुछ इस तरह से समझ सकते हैं कि हम चाहे किसी चीज को या किसी भी महापुरुष की बायोग्राफी को कितना भी पढ़ते हैं या फिर हम इतिहास को कितना भी पढ़ कर रखने की कोशिश कर ले लेकिन हम उसे कभी याद नहीं रख पाते हैं पर अगर उसी इतिहास पर या बायोग्राफी पर कोई मूवी बना दी जाए तो हमें उसके सीन पूरी तरह से याद हो जाते हैं और जैसे ही हम उसके किसी एक सीन पर पहुंचते हैं तो हमें पूरी मूवी रिकॉल हो जाती है इस बात से सिद्ध होता है कि हमारे देखने की शक्ति हमारे सबसे ज्यादा सहयोग करती है और हां देखी हुई चीजों को काफी समय तक नहीं भूलते हैं बजाए याद रखी हुई चीजों को या फिर सिर्फ सुनी हुई चीजों को।

10. संगीत हमें स्मार्ट बनाता है

 इंसानी दिमाग को शांत रहने के लिए या फिर हमें अपने दिमाग को बदलने के लिए म्यूजिक बहुत ज्यादा सहायता कर सकता है हम जब भी परेशान होते हैं तो अपने दिमाग को म्यूजिक के जरिए बदल सकते हैं या फिर जब निराश होते हैं तो अपने अंदर नई उर्जा लाने के लिए म्यूजिक का इस्तेमाल कर सकते हैं म्यूजिक हम किस तरह का सुनते हैं इससे हमारी पर्सनालिटी भी काफी हद तक डिफाइन होती है कि हम जिस तरह के गाने सुनते हैं हमारी व्यक्तित्व भी उसी तरह का होता है गाने सुनना या फिर कंपोज करना हमें मेंटली रूप से होशियार और इमोशनली रूप से मजबूत बनाता है तथा यह एक कला भी होती है म्यूजिक को पुराने जमाने से काफी पुराने समय से पसंद किया जाता है इससे एक बात सिद्ध होती है कि म्यूजिक से हमारे दिमाग का काफी गहरा नाता है।

 11.मेल और फीमेल का माइंड डिफरेंट होता है

 मेल और फीमेल दोनों के सोचने का तरीका काफी हद तक तो समान होता है लेकिन बहुत ज्यादा अलग भी होता है दोनों लोग अपने अलग-अलग नजरियों से सोचते हैं और काफी हद तक पुरुषों के सोचने का तरीका एक समान और स्त्रियों के सोचने का तरीका एक समान होता है वैसे तो सभी लोगों के नजरिए बिल्कुल अलग-अलग होते हैं लेकिन यहां पर भी एक भिन्नता पाई जाती है जैसे कि मेल्स मेंटली रूप से थोड़ी स्ट्रांग होते हैं और फीमेल से जरा जरा सी बात पर इमोशनल हो जाती हैं मेल्स किसी भी चीज को लेकर बहुत ज्यादा परेशान नहीं होते हैं और फीमेल छोटी-छोटी बातों पर टेंशन में आ जाती है और बहुत ज्यादा स्ट्रेस भी लेती हैं और इसी कारण आत्महत्या की भी समस्या फीमेल्स में ज्यादा पाई जाती है क्योंकि वह अपने सोचने के तरीके के कारण हर बात को बहुत गहराई से सोचती हैं ।

12.हर इंसान मेंटली रूप से पावरफुल और नेचुरल Explorer होता है 

 प्रकृति ने इंसान का दिमाग कुछ इस तरह से बनाया होता है कि वह प्राकृतिक रूप से ही खोजी होता है उसे हमेशा से ही नई नई चीजें खोज करने का शौक होता है और बहुत ज्यादा शक्तिशाली होता है इसमें इंसान की कोई गलती नहीं है लेकिन आजकल के इंसान लगातार अपनी जिंदगी की छोटी-छोटी समस्या में फंसे रहते हैं या फिर नौकरी जैसे उलझन में फंसे रहते हैं और उन्हें आगे सोचने का कोई मौका नहीं मिलता है या फिर अपने दिमाग को पूर्ण रूप से विकसित करने का कोई मौका नहीं मिलता है जिसकी वजह से प्रकृति बिल्कुल रुक ही गई है गूगल अपनी कंपनी में काम करने वाले सारे कर्मचारियों को 20 परसेंट समय अलग से खोज करने के लिए नई चीजों की खोज करने के लिए देता है जिसकी बदौलत ही जीमेल और गूगल फोटोस जैसी एप्लीकेशन का निर्माण हुआ है धन्यवाद

No comments:

Powered by Blogger.