क्यों अकेले रहना है बहुत जरूरी?

 

 



"अकेले रहना मूर्खों और नकारात्मक लोगों के बीच रहने से हर हाल में बेहतर है।"

 अकेले रहने वाले लोग भीड़ भाड़ में रहने वाले लोगों की अपेक्षा या फिर सामाजिक लोगों की अपेक्षा ज्यादा प्रभावशाली व्यक्तित्व के होते हैं ,

तो आज की पोस्ट में मैं आपको अकेले रहने वाले लोगों की कुछ विशेषताएं बताऊंगा और साथ ही साथ यह भी बताऊंगा कि 

अकेले रहना वास्तव में क्या होता है? 

अकेले रहने और अकेला होने में क्या अंतर होता है? तो चलिए शुरू करते हैं ,

  • unique personality जो लोग अकेले रहते हैं उनका व्यक्तित्व सबसे अलग होता है और उनमें जैसा कि मैंने ऊपर ही बताया है बहुत से ऐसे गुण होते हैं जो अन्य लोगों में नहीं होते हैं उन लोगों को अनोखे व्यक्तित्व का यह फायदा इसलिए होता है क्योंकि वे लोग अकेले रहना पसंद करते हैं और ज्यादा लोगों के संपर्क में नहीं आते हैं जिसके कारण वे लोगों के प्रभाव में भी नहीं आते हैं और जब तक आप किसी अन्य व्यक्ति के प्रभाव में नहीं आएंगे तब तक आप अपने आप में बदलाव नहीं लाएंगे क्योंकि जब आप दूसरे लोगों के संपर्क में आते हैं तभी आपकोअपने प्रति हीन भावना आ जाती है क्योंकि आप ना चाहते हुए जाने अनजाने में अपने आप को दूसरे से कंपेयर करते हैं और आप चाहे कितने भी मैचुअर क्यों ना हो अगर आपके प्रतिभागी में या आपके साथ ही में कोई विशेषता है तो आपको उससे जलन होने ही लगती है या फिर वह इतना ज्यादा दिखावा करता है कि आप पर उसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है लेकिन अगर आप अकेले रहेंगे तो आप इन सब चीजों से बचे रहते हैं और आपका जो अपना वास्तविक प्रभाव होता है अर्थात आप जो वास्तव में होते हैं वह अच्छी तरह से निकलकर बाहर आता है जिसकी वजह से आपका व्यक्तित्व बहुत ही अनोखा और प्रभावशाली हो जाता है जब आप ज्यादा लोगों के साथ में रहते हैं तो आप सबके जैसा बनना चाहते हैं जिसकी वजह से आप अपना वास्तविक स्वरूप या फिर अपनी रियल्टी को खो देते हैं कई बार आप अपनी पहचान को भुला देते हैं और दूसरे लोगों जैसे बनने की कोशिश शुरू कर देते हैं जो कि एक बहुत ही खतरनाक चीज है।

  • Positive attitude जो लोग अकेले रहते हैं उनका नजरिया किसी भी चीज को लेकर हमेशा सकारात्मक ही होता है हमारे साथ ऐसा होता है कि अगर हमारे साथ कोई व्यक्ति है और हम उससे चाहे कुछ पूछे या ना पूछे लेकिन वह बेवजह किसी चीज पर अपनी राय देता है तो उसके बावजूद भी हम उसकी बात को ना चाहते हुए सुन लेते हैं और वह कहीं ना कहीं हमारे दिमाग पर अपना प्रभाव छोड़ जाती है और जैसा कि आप सभी लोग जानते ही हैं कि लोग हमेशा ना चाहते हुए भी आपक नकारात्मक विचारों की ओर ही मोड़ देंगे लोगों की बातें हमेशा आपको परेशान करने वाली ही होंगी हां इतना जरूर हो सकता है कि कई बार आपको लोगों की बातें सुनने में जरूर अच्छी लग सकती हैं कि जैसे अगर मान लीजिए कोई व्यक्ति आपकी बहुत ही ज्यादा तारीफ करता है तो कुछ समय के लिए तो आपको लगेगा कि यह व्यक्ति सही है मेरा शुभचिंतक है लेकिन अगर आप अपना नजरिया थोड़ा बढ़ाएं तो आप देखेंगे कि वक्त तारीफ आपकी बुराई करने से ही कई ज्यादा जहरीली है अगर कोई आपसे आपकी बुराई करता है या आप में कमियां निकालता है तो वह तो खतरनाक है ही लेकिन आपकी आपके सामने ही तारीफ करना उससे भी कहीं ज्यादा खतरनाक है ऐसी स्थिति में केवल वही लोग सुरक्षित बच पाते हैं जो इन लोगों के संपर्क में ही नहीं होते हैं मतलब कि अकेले रहने वाले लोगों को एक बार फिर से इस चीज का भरपूर फायदा मिलता है अब जब आप किसी के संपर्क में होंगे ही नहीं तो आप कितना भी चाहे लेकिन आपको कोई राय देने वाला नहीं होगा अंततः आप वही करेंगे जो आपका दिल करेगा और हमेशा आपका नजरिया बहुत ही हर चीज को लेकर अच्छा होगा।
  • Creative mind अकेले रहने वाले लोगों को भीड़ भाड़ में रहने वाले लोगों की अपेक्षा सोचने के लिए ज्यादा टाइम मिल जाता है क्योंकि हमारा दिमाग वास्तव में बहुत शक्तिशाली होता है जिसकी वजह से उसे चलाने के लिए बहुत से विचारों की जरूरत भी होती है और आप बहुत ही अधिक प्रयास के बाद यह सीख पाएंगे कि आपको अपने दिमाग को कौन से विचार देने हैं या फिर कौन से विचार नहीं देने हैं लेकिन तब तक आपका दिमाग अपने हिसाब से अपने अनुसार सारे विचारों को ग्रहण करता रहता है जिसमें अच्छे बुरे आपके लिए फायदेमंद और नुकसानदेह सारे विचार आते रहते हैं और दिमाग उन पर काम करता रहता है दिमाग को इस बात से बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता है कि कौन सी चीज उसके लिए फायदेमंद है या कौन सी चीज उसके लिए नुकसानदेह है उसे किस क्षेत्र में सोचना चाहिए या किस क्षेत्र में नहीं सोचना चाहिए तो अगर आप ज्यादा लोगों के संपर्क में रहेंगे तो आपके दिमाग को ज्यादा बेकार की फालतू की चीजें मिलेंगी और आप ज्यादातर समय उन्हीं में व्यस्त रहेंगे जिसकी वजह से आपको कुछ अनोखा या कुछ अलग करने की आपकी प्रतिभा बिल्कुल खत्म हो जाएगी या फिर दब जाएगी लेकिन अकेले रहने वाले लोग जो होते हैं उनके पास सोचने के लिए समय ही समय होता है और क्योंकि उनके दिमाग में बाहर से कोई कूड़ा कचरा नहीं जा रहा होता है इसीलिए उनके पास बहुत सी प्रोबेबिलिटी होती हैं कि उनका दिमाग किसी अलग क्षेत्र में सोचेगा जिसकी वजह से उनका दिमाग बहुत ज्यादा क्रियात्मक हो जाता है और तेज भी हो जाता है.

  •  self dependent आत्मनिर्भर बनने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि उन सभी सहारों को खत्म किया जाए जो आपके इस रास्ते में बाधा बन रहे हैं और आपको उस स्थिति में भी कोई सहारा ना मिले जब आपको उसकी बहुत ज्यादा जरूरत हो क्योंकि ऐसी स्थिति में ऐसा होगा या तो आप मर जाएंगे या फिर आप बिल्कुल फौलाद बन जाएंगे जिसे अब किसी सहारे की जरूरत नहीं है आपके अंदर जो असीम शक्तियां छुपी हुई हैं वे आपके जिंदगी के सबसे कमजोर समय में ही निखर कर सामने आयेंगे । और अगर आप की हालत ऐसी हो गई है कि आप को जरा जरा सी बातों के लिए दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है और आप दूसरे पर निर्भर रहे बिना नहीं जी सकते हैं तो ऐसी जिंदगी से तो मर जाना ही बेहतर है ।।
  • Mentally and emotionally strong देखिए हर इंसान की जिंदगी में सुख और दुख तो आते ही रहते हैं और हर इंसान चाहता है कि उसकी जिंदगी हमेशा सुकून से भरी रहे और वह हमेशा सुखी रहे लेकिन जब तक आप दुख के दिनों में अपने आप को संभाल कर नहीं रख सकते या फिर आप दुख के दिनों में जीवन निर्वाह करना नहीं सीख रख सकते तो आप कभी खुश नहीं रह सकते क्योंकि वास्तविक खुशी सुख के दिनों में नहीं होती है वास्तविक खुशी आपके अंदर होती है अगर आप छोटी-छोटी बातों से परेशान हो जाते हैं तो चाहे आपकी जिंदगी में कोई सा भी पड़ाव आए आप कभी खुश नहीं रह सकते तू हमेशा खुश रहने का एक ही तरीका होता है कि मेंटली स्ट्रांग होना और ऐसा तब ही हो सकता है जब आप अपनी भावनाओं को किसी के साथ व्यक्त नहीं कर पाते हैं आप चाहे कितने भी दुखी हो लेकिन अगर आपको जब बताने वाला कोई नहीं मिलता है अपना दुख बांटने वाला कोई नहीं मिलता है तो धीरे-धीरे आप को दुख या सुख को सहने की आदत बन जाती है और आप एक गहरे गंभीर इंसान बन जाते हैं और इस तरह सतत प्रयास से मजबूत होने लगते हैं और आपको मानसिक और भावनात्मक मजबूती मिलने लगती है जो कि एक केवल अकेले रहने से ही संभव है ।
  • High success rateअभी तक मैंने आप को अकेले रहने के जितने भी फायदे बताए हैं या जितने भी गुण बताएं हैं अगर वे किसी आदमी के अंदर आ जाते हैं तो बेशक वह आदमी अन्य लोगों की अपेक्षा सफल होने के लिए ज्यादा तैयार होता है उसके सफल होने के मौके अन्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा होते हैं जो लोग अकेले रहते हैं उनका माइंडसेट हमेशा आत्मविश्वास से भरा हुआ रहता है अगर हम लोग अपनी वास्तविक पहचान को उजागर करने की कोशिश करें और एक अलग पहचान बनाएं दूसरे जैसे लोगों की नकल करने की कोशिश ना करें चाहे वे लोग कैसे भी हो तो हमारे सफल होने की संभावना अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ जाती है क्योंकि अगर गुलाब का फूल गुलाब का फूल ही बन कर अपना प्रसार करें तो वह ज्यादा पसंद किया जाएगा अपेक्षाकृत गुलाब का फूल कनेर का फूल बनने की कोशिश करता है अगर वह ऐसा करता है तो वह कभी जिंदगी में कनेर का फूल तो नहीं बन सकता लेकिन कनेर का फूल बनने की कोशिश में अपना वास्तविक अस्तित्व भी खो देगा इसीलिए हम सब को एक बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि हम जैसे भी हैं हमें ऐसा किसी एक महान शक्ति ने बनाया है और अगर हम अपनी भलाई चाहते हैं तो बिल्कुल हमें उस में फेरबदल नहीं करना चाहिए।
  •  More productive  अकेले रहने का मतलब होता है खाली रहना और वह इंसान ही ज्यादा काम कर सकता है जिसके पास कोई काम ना हो मतलब जो पहले से खाली हो जिन लोगों का दिमाग पहले से ही 50 तरह के विचारों से भरा हुआ होता है वह लोग और ज्यादा बातें शीघ्रता के साथ ग्रहण नहीं कर सकते चाहे वह कितनी भी जरूरी ही क्यों ना हूं क्योंकि उनका दिमाग रूपी बर्तन तो पहले से ही कचरे से भरा हुआ है लेकिन जो लोग अकेले रहते हैं उनके साथ ऐसा नहीं होता है उनका दिमाग हमेशा ही कुछ भी ग्रहण करने के लिए तैयार रहता है क्योंकि उनका दिमाग हमेशा शांत और खाली रहता है जिले के फल स्वरुप व अन्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा काम कर सकते हैं और ज्यादा प्रोडक्टिव होते हैं अब मैं आपको बताऊंगा कि अकेले कैसे रहते हैं देखिए यहां पर अकेले रहने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने घर में अकेले रहें किसी से भी बातचीत ना करें अपने मम्मी पापा से भी ना बोले अकेले रहने का मतलब होता है की ज्यादातर समय अपने साथ बिताए मतलब आपको जैसे ही मौका मिले अकेले होने का तो आप तुरंत ही उसका फायदा उठाएं और अकेले होने वाले मौके का आपको स्वागत करना चाहिए ना कि अकेले होने से डरना चाहिए ।

           अ केले रहने और होने में अंतर 

अकेले रहने और अकेले होने में यही अंतर होता है कि अकेला आदमी अपनी मर्जी से रहता है और दूसरी तरह का अकेला आदमी मजबूरी में होता है लेकिन आप किसी भी स्थिति में अकेले हो आप उसका भरपूर फायदा उठा सकते हैं साथ ही साथ अगर आपको अकेले होने के लिए समय नहीं मिलता है तो आपको अपने लिए कम से कम दिन में 2 घंटे अकेले रहने के लिए निकालने चाहिए ।

                      अकेले में क्या करें 

देखिए सबसे पहले तो आपको यह समझना होगा कि 

अकेले हो ना होता क्या है 

अकेले होने का मतलब यह नहीं होता है कि आपके आसपास कोई इंसान नहीं है और आपके पास मोबाइल फोन है और अकेले होने का मतलब यह भी बिल्कुल नहीं होता है कि आपके पास मोबाइल फोन भी नहीं है लेकिन आप लगातार उन्हें इंसानों के बारे में सोच रहे हैं या आपके विचार में वही सब चल रहा है अकेले होने का मतलब होता है जो व्यक्ति वास्तव में अकेले होना चाहता है तो उसे विचारों से भी मुक्त होना होगा यह काम थोड़ा सा कठिन हो सकता है लेकिन आपको धीरे-धीरे यही सीखना होगा कि आप जब अकेले हो तो दूसरे लोगों के बारे में ना सोच कर अपने बारे में सोचें और अपने फायदे के बारे में सोचें अपने आप को अच्छा बनाने पर जोर दें लेकिन आपको एक बात और भी ध्यान रखनी है कि इस स्थिति में आपको अपने अंदर कमियां बिल्कुल नहीं निकालनी है कि कहीं ऐसा ना हो आप अकेले में और ज्यादा डिमोटिवेट हो जाएं क्योंकि आपको यह हमेशा पता होना चाहिए कि आप में वास्तव में कोई कमी नहीं है अगर आप में कोई कमी आपको लगता भी है कि आप में कोई कमी है तो वह कमी इस संसार की दी हुई है और उसे आसानी से दूर किया जा सकता है।

 धन्यवाद

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