हमेशा दुखी कैसे रहें?

 


हर किसी इंसान की जिंदगी में सुख और दुख तो आते ही रहते हैं जिनका एक मोड़ ऐसा होता है कि जब इंसान की जिंदगी में खुशियां होती हैं और इसके विपरीत दूसरा मोड़ ऐसा भी आता है कि जब इंसान की जिंदगी दुखों से भरी हुई होती है तो यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं है सुख और दुख तो आम बात है लेकिन कुछ इंसान ऐसे होते हैं जो अपने स्वभाव से बहुत ज्यादा हल्के होते हैं वह जरा जरा सी बातों पर विचलित हो जाते हैं अगर उनकी जिंदगी में जरा सा सुख आ जाता है तो भी बहुत ज्यादा उछलने लगते हैं और जरा सा दुख आ जाता है तो वह बिल्कुल डिप्रेशन में चले जाते हैं तू वैसे तो किसी भी इंसान के बारे में पता तभी चलता है जब आप उसके साथ कुछ वक्त बिताते हैं और तभी धीरे-धीरे उसकी सारी आदतें बाहर निकल कर आती हैं और पता चलता है कि वह इंसान कैसा है लेकिन लेकिन काफी समय तक बहुत से इंसानों के ऊपर शोध करने के बाद पता चला है कि कुछ इंसान ऐसे होते हैं जो सुख और दुख दोनों स्थितियों में एक जैसे रहते हैं और किसी बड़े से बड़ी परेशानी को भी आसानी से संभाल लेते हैं लेकिन कुछ इंसान ऐसे होते हैं जो छोटी-छोटी बातों पर परेशान हो जाते हैं तो दूसरी तरह के इंसानों की कुछ ऐसी सामान्य आदतें  होती हैं जो हर कमजोर इंसान के अंदर होती है तो आज की पोस्ट में हम कुछ ऐसी आदतों के बारे में ही बात करेंगे जिन्हें पढ़कर आप यह पता लगा सकते हैं कि क्या आपमें से कुछ ऐसी आदते है जो आपके अंदर है अगर ऐसा है तो आप जल्दी से जल्दी उन्हें दूर कर लीजिए और आपको इन आदतों के बारे में जानकर आप का मनोवैज्ञानिक ज्ञान भी काफी बढ़ जाएगा आप आसानी से किसी भी इंसान के बारे में पता कर सकते हैं कि वह अंदर से कमजोर है या फिर मजबूत तो चलिए शुरू करते है९ 

१.यह लोग हमेशा दूसरे को जज करते रहते हैं वही लोग दूसरे लोगों में कमियां निकालते हैं जिनके अंदर खुद कमियां होती हैं मनोविज्ञान कहता है कि हम अपनी कमियों को दूसरे इंसान के अंदर ढूंढने की कोशिश करते हैं और क्योंकि हमारी नकारात्मकता हम पर बहुत ज्यादा हावी होती है तो हम उस इंसान के अंदर की अच्छाइयों को नहीं देखते हैं और उसे जज करने लग जाते हैं चाहे बे कमियां उस इंसान के अंदर बिल्कुल ही ना हो क्योंकि वे कमियां हमारे अंदर हैं तो हमें बेकर में आसानी से दूसरे इंसान के अंदर दिख जाती हैं तो यह तो हो गई मनोविज्ञान की बात मतलब यह इंसान की आदत ही होती है ले लेकिन जो कमजोर मानसिकता के लोग होते हैं वे अपनी इस गलत आदत को कभी नहीं पहचानते हैं वे यह सब काम करने में ही अपने आप की बहुत बड़ा ही समझते हैं और वे समझते हैं कि उनके अंदर इतनी अदा अच्छाइयां हैं कि बे को सुधार रहे हैं उनके अंदर कमियां निकाल कर और जो लोग ऑप्टिमिस्ट होते हैं बे अपनी इस खराब आदत को पहचानते हैं और उसे दूर कर लेते हैं ।

२. यह लोग overthink और overreact करते हैं निराशावादी लोगों की पहचान होती है कि जब वे चाहे किसी भी छोटी सी समस्या में फंसे हो और वह समस्या बहुत ही ज्यादा छोटी हो लेकिन वे लोग उस समस्या को इतना ज्यादा बडा़ बना लेते हैं कि उन्हें उस से निकलना बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाता है आपने अपने आसपास भी ऐसे बहुत से लोगों को देखा होगा जो राईका एकदम से पहाड़ बना देते हैं अगर आपको भी लगता है कि आपकी अंदर भी है आदत है तो इस आदत को तोड़ने की लिए एक ही तरीका है कि जब जब आपको लगे कि आप किसी भी चीज को बहुत ज्याद ज्यादा खींचकर बड़ा कर रहे हो तो आपको वहीं पर अपने आप को रोकना होगा और बताना होगा कि इसकी क्या जरूरत है आप जब जब अपने आपको वही गलती करते हुए रंगे हाथों पकड़ होगे तभी आप उस आदत को आसानी से छुड़ा सकते हो 

३.प्रॉब्लम्स को गलत तरह से मैनेज करते हैं अनहैप्पी लोग और कमजोर लोग हमेशा अपनी प्रॉब्लम का गलत ही सॉल्यूशन करते हैं यह लोग हमेशा अपनी प्रॉब्लम से से भागते रहते हैं और इन्हें लगता है की प्रॉब्लम से दूर जाना ही प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने का तरीका है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता है पैसिमिस्ट लोग हमेशा अपने दुखों को दूर करने के लिए गलत चीजों को सहारा लेते हैं जैसे कि जब भी परेशान होते हैं तो वे किसी बाहर की चीज का सहारा लेते हैं जैसे कि वे हमेशा नशा करते हैं कभी-कभी किसी मॉल में घूमने चले जाते हैं मोबाइल चलाने लगते हैं या फिर ऐसी कोई दूसरी लत डाल लेते हैं जिससे कि उन्हें अपने दुख को या फिर परेशानी को दबाने में सहायता मिलती है लेकिन आप को यह बात समझनी होगी कि अपनी किसी परेशानी को दबाने से आपको उसका सलूशन नहीं मिलेगा आपको एक बार सीधी तरह से उस परेशानी को फेस करने की जरूरत है और उस को जड़ से खत्म करना होगा तभी आप को शांति मिल सकती है नहीं तो आप जिंदगी भर उस परेशानी से ही या फिर उस तरह की की समस्या से जूझते रहेंगे।

४.पैसे और मटेरियल थिंग्स को ज्यादा वैल्यू देते हैं कमजोर लोग हमेशा पैसे को बहुत ज्यादा वैल्यू देते हैं और उन्हें लगता है कि पैसे से ही सब कुछ हो सकता है हालांकि यह बात काफी हद तक सही है कि पैसा हमारी बहुत सी समस्याओं को सुलझा सकता है और पैसा हमारी जिंदगी में बहुत ज्यादा मायने रहतलेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पैसा ही सब कुछ है आपको कभी भी अपनी जिंदगी का केंद्र बिंदु पैसा बनाकर अपनी जिंदगी को नहीं जीना चाहिए क्योंकि पैसा अब की समस्याओं को तो सॉल्व कर सकता है लेकिन कभी आपको खुशी नहीं दे सकता है जो खुशी आपको अपनों के साथ रहने से मिल सकती है लेकिन कमजोर लोगों को यह बात बिल्कुल समझ में नहीं आती है दे पूरी जिंदगी पैसे में ही खुशी ढूंढते रहते हैं लेकिन वह कभी भी बहुत ज्यादा पैसा कमाने के बाद अब बहुत सी महंगी चीजें पा लेने के बाद भी कभी खुश नहीं हो पाते हैं यही कारण होता है कि वे खुशी इन बेकार सी चीजों में ढूंढ रहे होते हैं और अपनी पूरी जिंदगी भी इसी में निकाल देते हैं जबकि जो समझदार लोग होते दे पैसे को तो अहमियत देते हैं लेकिन भी पैसे से ज्यादा अहमियत अपने आप को देते हैं और उनकी खुशी किसी पैसे की मोहताज नहीं होती है बे हर स्थिति में सामान्य रहते हैं और खुश रहते हैं है।

 ५.बे अपनी डाइट पर ध्यान नहीं देते हैं यह लोग हमेशा व्यर्थ के पचड़े में फंसेेेे रहते हैं बेका यह लोग हमेशा व्यर्थ के पचड़े में फंसे रहते हैं बेकार की समस्याएं हमेशा ऐसे लोगों के ऊपर हावी रहती हैं और उनके दिमाग में हमेशा महत्वहीन विचार चलते रहते हैं जिसकी वजह से वे ऐसी बहुत सी बातों को भूल जाते हैं जो कि बहुत ज्यादा महत्व रखती हैं उन्हीं बातों में से एक बात है कि अपने खान-पान का ध्यान रखना उन्हें बिल्कुल भी अपने खान-पान का ध्यान नहीं रहता है जिसकी वजह से भी और ज्यादा निराशावादी होते चले जाते हैं एक शोध के अनुसार पता चला है कि जब एक बहुत ही ज्यादा निराशावादी इंसान ने अपनी डाइट में बहुत सा बदलाव किया तो उसेेे अपनी मानसिक विकारों में भी बहुत ज्यादा बदलाव देखने को मिला उसेेे पता चला वह पहले से बहुत ज्यादा बेहतर महसूस कर रहा है।

६. बे प्रजेंट में नहींं बल्कि फास्ट और फ्यूचर में जीते हैं ज्यादातर इंसानों की एक सामान्य आदत होती है कि वे हमेशा भविष्य की सोचते रहते हैं या फिर अपनी बीती हुई घटनाओं के बारे में सोचते रहते हैं और बहुत चिंतित होते रहते हैं आपको अंदाजा भी नहीं होगा कि आपकी यह एक सामान्य सी आदत आपके मानसिक रूप से कितना प्रभावित करती है और आपको कितना परेशान रखती है अगर आप हमेशा अपने बीते हुए समस्याओं के बारे में सोचते रहेंगे तो फिर आप हमेशा चिंतित रहेंगे और तनावग्रस्त रहेंगे और आप कभी भी अपना वर्तमान अच्छा नहीं बना सकते हैं और अगर आप अपने भविष्य के बारे में सोचते रहेंगे तो भी आप का वर्तमान एकदम बदतर हो जाएगा और आप भविष्य के लिए ही हमेशा परेशान रहेंगे तू जो लोग ऐसा करते हैं धीरे-धीरे उनकी आदत में शुमार हो जाता है और क्योंकि उन्हें पता नहीं होता है कि यह एक गलत आदत है जिसको उन्हें छोड़ना चाहिए तो यह चीज उन पर बहुत बुरी तरह से हावी हो जाती है और वे कमजोर लोगों की श्रेणी में आने लगते हैं तो अगर आप इस आदत को तोड़ना चाहते हैं तो आपको हमेशा वर्तमान में रहना चाहिए और आज की भी नहीं बल्कि केवल अभी की सोचनी चाहिए और हमेशा जिंदगी को एंजॉय करना चाहिए इसका मतलब है बिल्कुल नहीं है कि आप उन्हें लक्ष्य से भटक जाएं आपको हमेशा अपने काम करने में ही मजा आना चाहिए।

७. इनका वर्ल्डव्यू नेगेटिव होता है ऐसे लोगों का नजरिया बहुत ही ज्यादा नकारात्मक होता है इन लोगों के ऊपर चाहे सीधे भगवा न्यू की कृपा बरस रही होती हो लेकिन यह उसमें भी कोई ना कोई नकारात्मक चीज निकाल ही लेंगे इन लोगों के साथ चाहे कितना भी अच्छा होता हो लेकिन यह लोग कभी भी अपनी नकारात्मकता से बाहर नहीं निकल पाते हैं और यह हमेशा दूसरे लोगों को भी गलत नजरिए से ही देखते हैं इन को लगता है कि सब इंसान गलत है और यह लोगों के प्रति अपने मन में धीरे-धीरे ऐसे ही घृणा एक एकत्रित करते रहते हैं और कुछ समय के पश्चात है नफरत धीरे-धीरे इनको ही परेशान करने लगती है और यह अपना ही नुकसान करते रहते हैं 

८.sedentary लाइफस्टाइल जीते हैं इन लोगों का जिंदगी बहुत नीरस होती है इनकी जिंदगी में कोई भी ऐसी चीज नहीं होती है जो थोड़ी सी अलग हुई है हमेशा एक सामान्य स्थिति में ही रहते हैं और इन्हें बदलाव बिल्कुल भी पसंद नहीं होते हैं यह शारीरिक रूप से या फिर मानसिक रूप से बिल्कुल भी मेहनत करने में विश्वास नहीं रखते हैं और जैसा कि एक शोध के अनुसार पता चला है कि जैसा आप के बाहर का वातावरण होगा वैसा ही आपके अंदर का बात अब रण होगा और शारीरिक और मानसिक कड़ियां आपस में जुड़ी हुई होती हैं अगर आप शरीर से स्वस्थ नहीं होंगे तो आप मन से कभी स्वस्थ नहीं हो सकते हैं तो बहुत ज्यादा असर पड़ता है कि अगर आप दिल्ली कुछ समय के लिए व्यायाम करते हैं तो आपको एक बहुत ही अनोखी ऊर्जा की अनुभूति होती है जो आपको बहुत ज्यादा आनंद देती है और लोगों से बिल्कुल अलग बनाती है लेकिन इस तरह के लोग बिल्कुल भी बयान नहीं करते हैं या फिर कोई ऐसी प्रक्रिया नहीं करते हैं तो अगर आप इस आदत को तोड़ना चाहते हैं तो आपको डेली कुछ समय के लिए व्यायाम अवश्य करना चाहिए या फिर टहलने के लिए जाना चाहिए और अपने आसपास के वातावरण को कुछ ना कुछ बदलते रहना चाहिए।

८.. इनकी संगति भी ऐसे लोगों की ही होती है जो बहुत ज्यादा अनहैप्पी होते हैं जैसे कि कहा गया है कि आपकी जैसी संगत होगी वैसे बरकत होगी यह चीज काफी हद तक मायने रखती है कि आप किस तरह के लोगों के बीच में रहते हैं और आपको हमेशा वैसे ही लोग पसंद आते हैं आप जिस तरह के होते हैं मतलब की अगर आप अपने आप में बदलाव लाना चाहते हैं तो आपको अपनी कुछ आदतों का विरोध करना होगा आपको अपनी पसंद के हिसाब से नहीं बल्कि सही गलत के हिसाब से निर्णय लेने होंगे आपको अच्छे लोगों की संगति करनी होगी लेकिन जो लोग पैसेमिस्ट होते हैं वे ऐसे लोगों की संगति करते हैं जो उनके जैसे होते हैं और यह लोग आपस में एक दूसरे के साथ अपने दुख बांटते रहते हैं और एक दूसरे के दुख बढ़ाते रहते हैं और कभी भी अपनी उस चीज से बाहर नहीं निकल पाते हैं।

१०. दूसरों को आसानी से माफ नहीं करते हैं हम लोगों के साथ अक्सर ऐसा होता है कि हम किसी ना किसी घटना के शिकार हो जाती हैं या फिर अनजाने में या फिर जानबूझकर लोग हमारे साथ कुछ गलत कर देते हैं तू क्योंकि हम इंसान ही हैं तो हमें भी गुस्सा आती है और बदला लेने की इच्छा होती है तो कुछ समय के लिए तो हमारे अंदर बदले की भावना उठती है लेकिन धीरे-धीरे जैसे समय बीतता जाता है हमारे अंदर वह भावना खत्म हो जाती है और वह वास्तव में खत्म होनी भी चाहिए क्योंकि वह भावना का हमारे अंदर जन्म होने से हम उस इंसान का तो कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं लेकिन हम अपने अंदर खुद को धीरे धीरे खोकला करते रहते हैं लेकिन यह जो कमजोर मानसिकता के लोग होते हैं यह कभी भी किसी भी इंसान को आसानी से माफ नहीं करते हैं यह उस इंसान के प्रति अपने आप को अंदर ही अंदर जलाते रहते हैं और अपना अंदर ही अंदर नुकसान करते रहते हैं यह लोग न्याय से ज्यादा बदला लेने में यकीन रखने हैं और बहुत ही कम चांसेस होते हैं कि यह अपने इरादों में कामयाब होते हैं लेकिन यह अपना बहुत ज्यादा नुकसान कर लेते हैं। 

धन्यवाद 

2 comments:

  1. What a great post you have here. Sadness afect us all unfortunately. Keep the good work https://andrefrodrigues.com/blog/

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