किसी काम में असफलता से कैसे बचें?

 


हर किसी इंसान की जिंदगी में अलग-अलग समस्याएं होती हैं हर इंसान किसी न किसी समस्या से जूझ रहा होता है और उनकी जिंदगी के लक्ष्य भी अलग-अलग होते हैं कुछ लोगों की चाहा अच्छी नौकरी पाने की होती है और वही कुछ लोग चाहते हैं कि उनका व्यापार काफी अच्छा चले उन्हें काफी व्यापार में तरक्की मिले तो कुछ लोगों के परिवार में लड़ाई झगड़े होते रहते हैं तो वे उन लड़ाई झगड़ों को खत्म करने के लिए प्रयास में लगे रहते हैं तो वही कुछ लोग अपने मन के भीतर शांति चाहते हैं वे अपने अंदर झांकना चाहते हैं कारण चाहे कुछ भी हो लेकिन अगर सीधे शब्दों में कहें तो हर इंसान अपने क्षेत्र में कुछ ना कुछ चाहता है मतलब वह सफल होना चाहता है लेकिन आजकल अधिकतर लोग अपने क्षेत्र में सफलता नहीं पा  पारहे हैं भी किसी भी चीज को प्राप्त करना चाहते हैं तो वह चीज उन्हें नहीं मिलती है,

तो आज की पोस्ट में मैं आपको कुछ ऐसे चीजों के बारे में बताऊंगा जिससे आपकी सफलता से दूरी बढ़ जाती है अगर आपको इन चीजों के बारे में पता हो तो आप इन से आसानी से बच सकते हैं और अपनी सफलता के मौकों को बहुत बड़ा सकते हैं क्योंकि अगर आपको भविष्य में आने वाली समस्याओं के प्रति पहले से ही सजगता हो तो आप काफी हद तक उन समस्याओं से लड़ने के लिए तैयार रहते हैं तो चलिए शुरू करते हैं,

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1. लालची होना यह बात तो बहुत पुराने समय से चली आ रही है और आपके घर के बड़े बुजुर्ग भी बताते होंगे कि लालच करना गलत बात है लेकिन आज मैं आपको इसके पीछे का कारण बताऊंगा कि किस कारण से आप और लालच की वजह से किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं और कभी भी सफलता नहीं पा सकते हैं क्योंकि जो व्यक्ति लालच करते हैं वे चाहते हैं कि उन्हें कोई भी काम करे बगैर उसका फल मिल जाए या फिर उन्हें थोड़े काम के बदले बहुत सारा फायदा मिले जिसकी वजह से भी गलत रास्ते अपनाते हैं और जिसके कारण वे उसी में फस कर रह जाते हैं और कभी भी अपने लक्ष्य को नहीं पाते हैं अगर आप वास्तव में एक हमेशा रहने वाली और खुशी देने वाली सफलता पाना चाहते हैं तो आपको उसके लिए कठिन मेहनत के साथ साथ दिमाग से काम लेना होगा ना कि आपको गलत रास्तों का सहारा लेना होगा.

2.अपनी तुलना दूसरों से करना तुलना करना कोई गलत बात नहीं है अगर आप अपनी तुलना नहीं करेंगे तो आपको अपने बारे में कुछ भी पता कैसे चलेगा आपको इस बात का अंदाजा कैसे लगेगा कि आप कहां पर हैं और आपको कितना आगे जाना है लेकिन गलती यहां पर हो जाती है कि आप बिना जाने पहचाने सोचे समझे किसी से भी अपनी तुलना करने लगते हैं आप जिस किसी इंसान से भी अपनी तुलना करते हैं आपको केवल उस समय में अपनी तुलना उससे करते हैं आप यह नहीं देखते हैं कि वह इंसान किस क्षेत्र में है या फिर वह इंसान कितने समय पहले से किसी काम में लगा हुआ है मतलब वह लगातार अपना समय और मेहनत उस काम को दे रहा है या फिर नहीं दे रहा है आप यह सब नहीं देखते हैं आप केवल अपनी तुलना उससे करने लगते हैं और या तो अपने आप को कमजोर ठहरा देते हैं या फिर खुद में घमंड करने लगते हैं मतलब उसे कमजोर ठहरा देते हैं दोनों ही स्थितियां गलत हैं आपको तुलना हमेशा अपने बीते हुए कल से करनी चाहिए और उसकी अपेक्षा हमेशा लगातार थोड़ा सा सुधार करते रहना चाहिए जो लंबे समय में आपको बहुत प्रभावशाली इंसान बना देगा और आप में बहुत सारे बदलाव देखने को मिलेंगे.

3.सफल या असफल होने का डर ज्यादातर लोगों के मन में इस बात का डर होता है कि अगर मैं कोई काम करेंगे और भी असफल हो जाएंगे तो उन्हें इसकी बहुत ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी इसकी वजह से बे कोई ठोस कदम उठाने की हिम्मत ही नहीं करते हैं और जिंदगी भर कभी सफल नहीं हो पाते हैं इसके बजाय आपको उस समय यह सोचना चाहिए कि जब आप जिंदगी के ऐसे मोड़ पर होंगे कि आपकी जिंदगी खत्म होने वाली होगी तो आपके मन में यही विचार आ रहे होंगे कि काश मैंने उस समय एक कोशिश कर ली होती तो शायद आज जिंदगी कुछ और ही होती तो आज आपको इतना पछतावा नहीं हो रहा होता इस वजह से आपको कोशिश करने से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए अगर आप सफल भी होंगे तो आप उससे कोई ना कोई सीख ले सकते हैं और आगे बढ़ जाएंगे और वहीं दूसरी तरफ अगर आपको सफल होने का डर है कि अगर आपको लग रहा है कि आप सफलता को हैंडल नहीं कर पाएंगे तो भी आप कभी सफल नहीं हो सकते हैं इसीलिए आपको हमेशा सफलता का स्वागत करना चाहिए ना कि डरे हुए रहना चाहिए।

4.बड़ी-बड़ी बातें करना आपको हमेशा वही बात करनी चाहिए जो आप कर सको कभी-कभी ऐसा होता है कि हम आवेग में आकर या फिर कुछ भी सोच समझकर कुछ भी कहने लगते हैं और लेकिन करते ऐसा कुछ भी नहीं है इसके पीछे के कारण यह है कि अगर आप कोई भी एक लक्ष्य बनाते हैं और उसे पूरा नहीं करते हैं तो आपके दिमाग को गलत संकेत जाते हैं हमारा दिमाग इस तरह से नहीं सोचता है कि आपका लक्ष्य कितना बड़ा है या कितना छोटा वह इस तरह से सोचता है कि आपने लक्ष्य हासिल कर पाया या नहीं चाहे कितना भी बड़ा हो या फिर कितना भी छोटा दिमाग के लिए सिग्नल एक ही जाता है इसीलिए आपको जो भी बात कहो उस पर अमल जरूर करना चाहिए या फिर आपको ऐसी कोई बात कहनी नहीं चाहिए और वहीं दूसरी तरफ जब आप बड़ी-बड़ी बातें करते हो और उन्हें पूरा नहीं करते हो तो लोगों का आप के ऊपर से विश्वास उठ जाता है और आप समाज में भी एक बुरी स्थिति में आ जाते हो लोग आपकी इज्जत करना बंद कर देते हैं.

5.सलाह को को न मानना कुछ लोग ऐसे होते हैं कि वे अपने आप को महान ज्ञानी समझते हैं वह समझते हैं कि उन्हें किसी की जरूरत नहीं है उन्हें वही हमेशा करना चाहिए जो उन्हें सही लगता है और जिसकी वजह से भी कभी सफल नहीं हो पाते हैं दरअसल उनके साथ होता ऐसा है कि कभी भी किसी गलत व्यक्ति के चक्कर में फंस जाते हैं और वह व्यक्ति उन्हें गलत गलत सलाह दे देता है और वह उसे लागू कर लेते हैं और फिर उन्हें उसके दुष्परिणाम देखने को मिलते हैं जिसकी वजह से वे किसी सलाह को भी लेने से इनकार कर देते हैं हर व्यक्ति के अंदर सोचने की क्षमता होनी चाहिए उसे पता होना चाहिए कि क्या चीज उसके लिए सही है और क्या चीज उसके लिए गलत है अगर आप व्यापारिक क्षेत्र में हैं और अगर आप किसी नौकरी वाले व्यक्ति से उस बारे में सलाह मांगेंगे तो सीधी बात है वह आपको गलत सलाह  देगा तो आपको हमेशा जिस क्षेत्र में सलाह चाहिए आपको उस क्षेत्र के प्रोफेशनल से ही सलाह लेनी चाहिए और उस पर अमल भी करना चाहिए.

6. अनुशासन की कमी होना अब सबसे बड़ी समस्या आती है कि आपको अपना लक्ष्य भी पता होता है और आपको यह भी पता होता है कि आपको उसे पाने के लिए क्या करना है लेकिन आप फिर भी अपने लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर पाते हैं उसके पीछे कारण यह होता है कि आपके अंदर अनुशासन की कमी होती है और आप कभी भी उस चीज को छोड़ने के लिए तैयार होते हैं मतलब कि आप अगर अनुशासित रूप से कोई काम नहीं कर रहे हैं तो जब आप प्रोत्साहित नहीं होंगे मतलब आपका दिमाग ठीक नहीं होगा तो आप उस काम को वहीं पर छोड़ देंगे और आप दूसरे लक्ष्य पर दौड़ लगा देंगे इसके लिए सबसे जरूरी होता है अनुशासन क्योंकि वह आपको उस समय भी काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है जिस समय आपकी मानसिक शक्ति आपका साथ नहीं दे रही होती है हालांकि अनुशासित होना थोड़ा सा कठिन अवश्य होता है लेकिन जब एक बार आप अनुशासित हो जाते हैं तो आपके लक्ष्य के रास्ते में आने वाली की 50 परसेंट समस्याएं खुद ही खत्म हो जाती हैं

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