Shyness कैसे खत्म करें?



अगर आप बहुत ज्यादा शर्मीले हैं तो ये आपकी सफलता में एक बहुत बड़ी बाधा बन सकती है क्योंकि सफल होने के लिए आपके कम्युनिकेशन स्किल्स बहुत अच्छे होने चाहिए तो आज की पोस्ट में मैं आपको कुछ ऐसी बातें बताऊंगा जिससे आप अपनी साइनस को खत्म कर सकते हैं,

 -:Shyness kya hoti hai:-

Shyness का मतलब होता है कि जब कोई इंसान किसी दूसरे इंसान से मिलता है तो बहुत ज्यादा शर्म आने लगता है, सेल्फ कॉन्शियस हो जाता है उसे समझ में नहीं आता है कि वह उससे क्या बात करें और दूसरा व्यक्ति उसके बारे में क्या सोचेगा जिसकी वजह से सही तरीके से  बात नहीं कर पाता है या फिर बात करता ही नहीं है जिसके कारण बहुत सी समस्याएं हो जाती हैं जैसे कि बाकी लोग समझते हैं कि इस इंसान का एटीट्यूड नेगेटिव है या फिर वह घमंडी इंसान है,

 जबकि उसे बात करने में बहुत ज्यादा शर्म लग रही होती है वह चाह कर भी खुल कर बात नहीं कर पाता है।

 तो आज की पोस्ट में मैं आपको कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बताऊंगा जिनको अपनाकर आप किसी से भी बहुत आसानी से बात कर सकते हो और आपकी shyness जड़ से खत्म हो जाएगी तो चलिए शुरू करते हैं,

:-shyness को खत्म करने के कुछ तरीके :-

1.Shynessका लेवल हटा दो ऐसा होता है कि बचपन में तो ज्यादातर लोग शर्मीले ही होते हैं लेकिन वह लोग अपनी जवानी में शर्मीले रहते हैं इसके पीछे कारण यह होता है कि उनके आसपास के सारे लोग उनके दिमाग में यही भर देते हैं कि बिस्तर मिले हैं और कहीं ना कहीं उनके मन में भी यह बात पूरी तरह से बैठ चुकी होती है कि वे लोग दूसरों से बात नहीं कर सकते हैं और इस लायक नहीं है तो सबसे पहले तो आपको अपने दिमाग से यह बात बिल्कुल तरह से निकाल ली होगी कि आप उससे मिले हैं और अगर जब आप किसी दूसरे से बात करते हैं और उस टाइम कोई आप पर कमेंट करता है कि आप शर्म आ रहे हैं तो आपको बिल्कुल बेझिझक जवाब देना चाहिए कि नहीं मैं तो बिल्कुल नहीं शर्मा रहा हूं और आपको अगर कोई ऐसी एक्टिविटी कर रहे हैं तो उसमें सुधार करना चाहिए 

2.Overthink नहीं करना चाहिए जब हम लोग किसी से बात करते हैं खासकर जब हम अपोजिट जेंडर से बात करते हैं तो उस समय समस्या यह आती है कि हम उसके बारे में और अपने बारे में सारी राय पहले ही बना लेते हैं हमारे मन में बहुत पहले से ही यह सारे विचार चल रहे होते हैं कि वह व्यक्ति मेरे बारे में क्या सोच रहा होगा या सोच रही होगी या मुझे उससे क्या बोलना चाहिए या मेरे बोलने का उस पर क्या असर पड़ेगा कहीं मैं कुछ गलत तो नहीं बोल दूंगा या बोल दूंगी क्या मेरा बोलना ठीक है शायद मुझे उससे बोलना ही नहीं चाहिए अगर आपके दिमाग में भी ऐसे ही बातें चलती है तो परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है आपको इन बातों को बिल्कुल भी नजरअंदाज कर देना चाहिए और आपको ज्यादा सोचना नहीं चाहिए आपको अगर किसी से बात करनी है तो आपको सीधे बात करनी चाहिए या फिर चाहे आप कहीं स्टेज पर बोलना हो तो आपको सीधे बोल देना चाहिए अगर आपकी जुबान लड़खड़ा रही है तो लड़खड़ाने देना चाहिए क्योंकि आप जितनी ज्यादा इसकी प्रैक्टिस करेंगे अब उतनी ही अच्छी तरह से बोल पाएंगे और अपनी साइनस को खत्म कर पाएंगे.

3. Extrovert दोस्तों के साथ रहे आपको हमेशा ऐसे लोगों का साथ करना चाहिए जिनको समाज में उठने बैठने का अच्छे तरीके से ज्ञान होता है जो लोगों को अच्छी तरह से कन्वेंस कर सकते हैं तो अगर आप उनके साथ रहेंगे तो कहीं ना कहीं आप पर भी उनकी संगत का असर पड़ेगा और आपकी साइनस भी धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी आपको चाहे उनके साथ रहने में ऑकवर्ड फील होता हो तो भी कोई समस्या नहीं है आपको वह बर्दाश्त करना होगा धीरे-धीरे आप में बदलाव आने शुरू हो जाएंगे लेकिन सबसे पहले आपको अपने अंदर एक इच्छा जगानी होगी मतलब अगर आपके अंदर से इच्छा नहीं हो रही है अपने आप को बदलने की तो आप चाहे कितने भी तरह के लोगों के साथ घूमे या साथ रहे आप कभी भी अपने आप को नहीं बदल सकते हैं तो सबसे पहले तो आपको अपने अंदर ही अपने आप को बदलने की इच्छा जगानी होगी उसके बिना कुछ नहीं हो सकता है।

 4.Mirror के आगे बोलने की प्रैक्टिस आपको शीशे की आगे रोज कुछ समय के लिए खुद से बात करनी चाहिए और उस समय अपने शरीर की एक्टिविटीज को देखना चाहिए और उन्हें सही से देखना  चाहिए कि आप किस स्थिति में शर्माते हैं या फिर आप शर्माते समय किस तरह की हरकत करते हैं या किस तरह की एक्टिविटी करते हैं तो उससे आपको अपने आप में सुधारने का बहुत मौका मिलेगा और आपको उसके बहुत ज्यादा फायदे होंगे धीरे-धीरे आप अपने आप में काफी सुधार ला सकते है।

5.लोगों को compliments देना आप जब किसी से बात करने जाते होंगे तो आपको  सबसेबड़ी समस्या यही होती होगी कि आपकेेेेेे पास बोलने के लिए कोई बात नहीं होती ह होगी और आप एकदम से ब्लैंक हो जाते होंगे जाते तू सबसेेेेे पहले तो आपको इस बा तू सबसे पहले तो आपको इस बारे में बिल्कुल नहीं सोचनााााा है आपको सीधे बात करने लगना है क्योंकि आप जितना ज्यादा सोचेंगे आपकोउतना ज्यादा कन्फ्यूजन पैदा हो आपको उतना ज्यादा कन्फ्यूजन पैदा होगा और समस्याएं उतनी ज्यादा बढ़ेगी लेकिन फिर भी मैंं आपको एक tip देता हूं आप जब भी किसी इंसान से बात करें तो आप बात करने के दौरान उसको कॉन्प्लीमेंट दे सकते हैंं जैसे कि आप उसके कपड़ों की तारीफ कर सकते हैंंं और उससे पूछ सकते हैं कि आपने उस कलर के कपड़े क्यों पहनेेे हैं क्या वह आपका फेवरेट कलर हैै और क्या इसकेेे पीछे कोई  दूसरा कारण है इस तरह से अपनी बात को आगेेेेे बढ़ा सकते हैं धन्यवाद     

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