Warren Buffet's investment strategies in hindi.

अगर तुम सोते समय पैसा नहीं कमा सकते, तो तुम कभी अमीर नहीं बन सकते ।

                                          -Warren Buffet 



अमेरिका में रहने वाले दुनिया दुनिया के सबसे सुप्रसिद्ध जाने- माने इन्वेस्टर वारेन बफेट किसी की पहचान के मोहताज नहीं हैं सन 1993 में वारेन बुफेट दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में पहले पायदान पर थे और अभी भी वारेन बुफेट दुनिया के सबसे अधिक अमीरों के लिस्ट में से टॉप 10 या टॉप 5 में हमेशा रहते हैं ,

वारेन बुफेट कि इस अमीरी के पीछे कोई भी उनका अपना व्यापारिक गणित नहीं है उनकी अपनी कोई खुद की पर्सनल कंपनी नहीं है जिससे उन्होंने इतना पैसा कमाया हो उन्होंने अपना जितना भी पैसा कमाया है वह केवल इन्वेस्टमेंट की दम पर और साधारण व्यापारिक नीतियों की बदौलत ही कमाया है वारेन बुफेट इस बात के जीते जागते सबूत हैं कि आपको अगर बहुत अधिक सफल व्यक्ति बनना है तो इसके लिए इस बात की कोई जरूरत नहीं है कि आप कुछ बहुत ज्यादा बड़ा ही करें या बहुत ज्यादा ही सूची आप छोटी-छोटी सीढ़ियों पर चढ़कर और छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर भी बहुत ज्यादा सफल बन सकते हैं तो इस बात से तो कोई इनकार नहीं कर सकता है कि अभी तक पूरी दुनिया में वारेन बुफेट से ज्यादा इन्वेस्टमेंट की जानकारी रखने वाला कोई नहीं हुआ है तो आज की पोस्ट में मैं आपके सामने वारेन बुफेट के कुछ तरीकों को बताने जा रहा हूं जिनकी बदौलत वारेन बुफेट मानते हैं कि वह आज इन ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं तो आज की पोस्ट में मैं आपको ऐसे 5 नियमों के बारे में बताऊंगा जो वारेन बुफेट इन्वेस्टमेंट करते समय ध्यान में रखते हैं और आप भी इन 5 नियमों को ध्यान में रखकर इन्वेस्टमेंट के जरिए अमीर बन सकते हैं तो चलिए शुरू करते हैं,

 

                       Buffet's principle 

 वारेन बुफेट अपने इन्वेस्टमेंट करने की इस नीति को कॉमन सेंस वेलोसिटी  भी कहते हैं जहां सारे लोग हमेशा यही सोचते रहते हैं कि उन्हें कंपनी में तभी इन्वेस्टमेंट करना चाहिए कि जब उसका प्राइस ब्लू हो या फिर हमेशा भी इसी बारे में सोचते रहते हैं कि कौन सी कंपनी का कैसा प्राइस है और उसी आधार पर अपना इन्वेस्टमेंट करते हैं वही वॉरेन बफेट का मानना है कि किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने वाला इंसान उस कंपनी के कुछ हिस्से का एक मालिक होता है तो आपको जब भी किसी कंपनी के शेयर खरीदने हो तो आप को इस आधार पर उस कंपनी के शेयर खरीदने चाहिए कि आपको उस कंपनी के शेयर होल्डर नहीं वरन मालिक हो और इस आधार पर आप देखोगे कि वह कंपनी भविष्य में कैसी ग्रोथ करने वाली है क्योंकि जहां कंपनी का चेयरमैन अपने आपको पूरी कंपनी का मालिक मानता है वही शेयर होल्डर्स को भी अपने आप को उस कंपनी के एक हिस्से का मालिक मानना चाहिए और उसी आधार पर किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने चाहिए इस अनुसार आपको हमेशा उस कंपनी में ही इन्वेस्ट करना चाहिए जिस बिजनेस को आप बहुत अच्छी तरह समझते हो और आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि आप शेयर नहीं खरीद रहे हो बल्कि एक कंपनी खरीद रहे हो।

  

            principles for identifying a good                                business purchase

 अब यह बात तो समझ में आ गई है कि हमें कैसे इन्वेस्टमेंट करना चाहिए और अपने लिए कैसे कंपनी का चुनाव करना चाहिए लेकिन अब सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि हम यह बात कैसे पता करें कि हमारे लिए कौन सी कंपनी अच्छी है और भविष्य में कौन सी कंपनी ज्यादा रिटर्न देगी तो इसके लिए वारेन बुफेट का मानना है कि कोई भी कंपनी अच्छी या बुरी नहीं होती है अगर आपको उस कंपनी के बारे में अच्छी तरह से और विस्तार से जानकारी है तो आपके लिए वह कंपनी  फायदेमंद साबित हो सकती है और वहीं दूसरी तरफ अगर आपको उस कंपनी के बारे में कोई जानकारी नहीं है आपने केवल लोगों को देखकर और मार्केटिंग को देख कर उस कंपनी के शेर को खरीद लिया है तो आप नुकसान में ही जाएंगे और वह कंपनी आपके लिए फायदेमंद साबित नहीं होगी तू आपको कभी भी ऐसी कंपनी में इन्वेस्टमेंट नहीं करना चाहिए आपको जिसके बारे में कुछ भी पता ना हो कि वह कंपनी क्या काम करती है और उस कंपनी की आगे जाकर वैल्यू क्या होगी वह कंपनी जो बिजनेस करती है वह long-term के लिए फायदेमंद होगा या लॉन्ग टर्म में वह कंपनी फ्लॉप हो जाएगी जैसे आज के समय में प्लास्टिक मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी में इन्वेस्टमेंट करना बिल्कुल ही बर्बाद है क्योंकि प्लास्टिक पर बहुत ही जोरों शोरों से बैन लग रहा है वारेन बुफेट खुद भी इस बात को फॉलो करते हैं कि हमेशा उन्हीं कंपनी में इन्वेस्ट करना चाहिए जिसके बारे में आपक अच्छी तरह से जानकारी हो क्योंकि उन्होंने कभी भी टेक्नोलॉजी कंपनीज में इन्वेस्टमेंट नहीं किया है  एप्पल की कंपनी को छोड़कर क्योंकि उन्हें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है इसीलिए वे कभी रिस्क नहीं लेते हैं।

    

                   Economic goodwill 

आपको किसी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने से पहले यह भी देखना चाहिए कि उस कंपनी की मार्केट वैल्यू कैसी है मतलब कि उस कंपनी का मार्केट में नाम अच्छा है या खराब है जैसे कि उदाहरण के लिए अगर आप इंडिया में रहते हो तो आप टाटा की कंपनी में आंखें बंद करके इन्वेस्टमेंट कर सकते हो क्योंकि टाटा का नाम पूरे भारत में बहुत ही भरोसेमंद कंपनी के नाम पर जाना जाता है लेकिन फिर भी आपको एक चीज हमेशा ध्यान में रखनी है कि आपको कभी भी इन्वेस्टमेंट शार्ट टर्म के लिए नहीं करना है आपको हमेशा इन्वेस्टमेंट लॉन्ग टाइम को ध्यान में रखकर करना चाहिए तभी आप किसी भी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करके फायदा उठा सकते हैं और वहीं दूसरी तरफ डिज्नी को भी देख सकते हैं डिज्नी ने लोगों के बीच अपनी ऐसी पहचान बनाई है कि वह एक भरोसेमंद कंपनी के रूप में उभर कर आई है जब उसने डिजनी प्लस लॉन्च किया था तो इसने 18 महीने के अंदर ही 100 मिलीयन प्लस सब्सक्राइबर्स को टच कर लिया था जबकि बाकी कंपनी को इतने संस्कार व जुटाने में दसों साल लग जाते हैं तो इस बात से बहुत ज्यादा फर्क पड़ता है कि उस कंपनी की मार्केट गुडविल कैसी है अगर उसका नाम बाजार की बदनाम कंपनियों में से एक आता है तो वह कंपनी चाहे कितनी भी अच्छी क्यों ना हो आपको कभी फायदा नहीं पहुंचा सकती है तो आपको हमेशा जिसकी मार्केट में बहुत ज्यादा वैल्यू हो और एक ज्यादा महंगी नहीं बल्कि सस्ती कंपनी हो।

    

          Maintaining a diversified portfolio

 यह बात तो आप सभी लोग भली-भांति जानते होंगे आपको अपना सारा पैसा कभी भी एक कंपनी में नहीं लगाना चाहिए आपको अपना सारा पैसा कई तरह की अलग-अलग कंपनियों में थोड़ा-थोड़ा करके लगा देना चाहिए जिससे कि अगर आपको एक कंपनी में नुकसान भी होता है तो दूसरी कंपनी में हुआ फायदा उसने बराबर हो जाए लेकिन वारेन बुफेट इस बात से बिल्कुल सहमत ही नहीं करते हैं वारेन बुफेट मानते हैं कि आपको अपना सारा पैसा अलग अलग तरह की बहुत सारी कंपनियों में नहीं लगाना चाहिए बल्कि कुछ गिनी हुई कंपनियों में ही बहुत ज्यादा मार्केट रिसर्च करने के बाद और कंपनियों की व्यापार के बारे में जानकारी लेने के बाद ही इन्वेस्ट करना चाहिए तभी आप फायदे में रह सकते हैं वारेन बुफेट के अपने खुद के पोर्टफोलियो में भी कुछ ही गिनी चुनी कंपनियां हैं जिन पर वारेन बुफेट बहुत ज्यादा भरोसा करते हैं और जिनके बारे में उन्हें पता है कि यह शत प्रतिशत भविष्य में फायदेमंद ही साबित होंगी।

 

                      Ignore the market 

जहां ज्यादातर लोग इन्वेस्टमेंट इस आधार पर करते हैं कि मार्केट में कौन सी कंपनी चल रही है मतलब कि किस कंपनी का शेयर तेजी से ऊपर जा रहा है और भी अपना सारा पैसा उसी कंपनी में इन्वेस्ट कर देते हैं और अगर भी ऐसा 10 बार भी करते हैं तो 10 में से 8 बार भी नुकसान ही उठाते हैं ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि उन्हें उस कंपनी के शेयर की वास्तविक कीमत का कोई भी अनुमान नहीं होता है और उन्हें उस कंपनी के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं होती है वहीं कुछ लोग ही ऐसे होते हैं जो मौके का सही फायदा उठाते हैं और कंपनी के बारे में अच्छी तरह से रिसर्च करते हैं और चाहे वह कंपनी उस समय बिल्कुल भी ट्रेंड में ना चल रही हो और उसके शेयर बिल्कुल सस्ते में मिल रहे हो वे उस कंपनी के शेयर खरीदते हैं और इंतजार करते हैं और उनके यह इंतजार करने का वक्त काफी लंबा भी हो सकता है क्योंकि उन्हें अपनी मार्केट रिसर्च पर पूरा भरोसा होता है और उन्हें पता होता है कि यह बिजनेस एक ना एक दिन आगे जाकर जरूर चलेगा और जिसके फलस्वरूप भी बहुत ज्यादा फायदा उठाते हैं तू वारेन बुफेट भी यही कहते हैं कि आपको कभी भी मार्केट के बिहार पर शेयर नहीं खरीदनी चाहिए क्योंकि हो सकता है कि आज मार्केट में लोगो के कारण किसी कंपनी के शेयर में बहुत ज्यादा तेजी आ गई हो तो वहीं उन लोगों के कारण कल वह कंपनी ज भी सकती है क्योंकि कल एकदम से बे शेयर को बेचना शुरू कर देंगे तो एकदम से उस कंपनी के बहुत ज्यादा नीचे आ जाएंगे क्योंकि उस कंपनी के फंडामेंटल्स में तो वास्तव में दम है ही नहीं।

 धन्यवाद

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